औरैया। शीतलहर चलने के साथ ही प्रशासन की ओर से सर्दी को देखते हुए एडवाइजरी जारी कर दी गई है। कोई भी जरूरतमंद रात के समय खुले में न लेटे, इसे लेकर शहर व कस्बों में रैन बसेरे भी बनाए गए हैं।
बावजूद इसके लोग खुले में लेट रहे हैं। कोई दुकानों के बाहर टिनशेड के नीचे कंबल ओढ़कर रात बिताने को मजबूर है तो कोई रेलवे स्टेशन परिसर में ही लेटकर रात बिता रहा है। वहीं, कहीं पर रैन बसेरे में ताला जड़ा हुआ है। जहां खुले हैं, वहां एक-दो लोग ही ठहरे हैं, बाकी रैन बसेरा खाली दिखा। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शनिवार रात इसकी पड़ताल कराई तो हकीकत सामने आई।
रात नौ बजे शटर बंद, मिला ताला
फफूंद कस्बा में नगर पंचायत की ओर से जरूरतमंदों के लिए रात में ठहरने के लिए नुमाइश मैदान के पीछे रैन बसेरा बनाया गया है। हाल ही में लोगों के लिए बना यह ठिकाना रात में बंद हो जा रहा है। रविवार रात नौ बजे इसका शटर बंद मिला। साथ ही इसमें ताला जड़ा था।
टिनशेड के नीचे पुजारी, रैन बसेरा खाली
बिधूना में सीएचसी व नगर पंचायत की ओर से दो रैन बसेरे बनाए गए हैं। रविवार रात सवा नौ बजे के करीब सीएचसी के रैन बसेरे में बिस्तर खाली मिले। यहां कोई नहीं था। वहीं, नगर पंचायत के रैन बसेरे में दो लोग लेटे मिले। इस सब के बीच दुर्गा मंदिर के पास एक दुकान के बाहर टिनशेड के नीचे एक पुजारी लेटे मिले।
स्टेशन से दूर रैन बसेरा, जमीन पर लेटे मुसाफिर
रविवार रात ढाई बजे के लगभग फफूंद रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर कक्ष के बाहर मुसाफिर फर्श व कुर्सी पर कंबल ओढ़कर लेटे मिले। यहां से एक किलोमीटर दूर थाने के पास रैन बसेरे में चुनिंदा लोग ही लेटे मिले। लोगों से पूछने पर पता चला कि रात में ट्रेन न छूट जाए, इसके चलते लोग स्टेशन पर ही लेटे हैं। ऐसी स्थिति में स्टेशन के पास ही रैन बसेरा होना चाहिए।
फोटो-18- फफूंद कस्बा में रैन बसेरे में पड़ा शटर। संवाद
फोटो-18- फफूंद कस्बा में रैन बसेरे में पड़ा शटर। संवाद
फोटो-18- फफूंद कस्बा में रैन बसेरे में पड़ा शटर। संवाद
फोटो-18- फफूंद कस्बा में रैन बसेरे में पड़ा शटर। संवाद