फोटो-16-कमलकांत वर्मा के आवास के बाहर खड़ीं एनआईए टीम की गाड़ियां। संवाद
-टीमों ने पहचान छिपाने के लिए लखनऊ की ट्रेवल एजेंसियों से ली थी गाड़ियां
- कुल 13 टीमें कारोबारी के आवास और प्रतिष्ठानों को कार्रवाई के घेरे में लिया
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। कारोबारी कमलकांत वर्मा के प्रतिष्ठानों पर जांच के लिए एनआईए ने सुव्यवस्थित योजना बनाई थी। लखनऊ से आई टीमों ने बुधवार शाम को ही शहर व आसपास के जिलों में डेरा डाल लिया था। इसके बाद पुलिस बल लेकर भोर पहर तीन बजे एक साथ घर और प्रतिष्ठानों पर छापा मारा। पहचान छिपाने के लिए टीमों ने लखनऊ की ट्रेवल एजेंसियों से गाड़ियां ली थीं।
लखनऊ से कुल 13 टीमें कारोबारी के आवास और प्रतिष्ठानों पर छापा मारने के लिए गठित की गईं थीं। इसमें एनआईए के अलावा बिहार के पटना के पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। काफिले में बिहार नंबर की कार शामिल होने से ये बात और पुख्ता हो गई। बुधवार को सुबह आठ बजे से ही सभी टीमें लखनऊ में एकत्रित हुईं। औरैया पहुंचने के लिए उन्होंने लखनऊ की ही ट्रैवल एजेंसियों से गाड़ियां मंगाई। इसके बाद दोपहर बाद वह औरैया के लिए रवाना हो गए।
बुधवार शाम को सभी टीमें औरैया, इटावा और कानपुर देहात में पहुंच गईं थीं। इसके बाद रात दो बजे पुलिस बल लेकर टीमों ने एक साथ छापा मारा। इससे किसी को कुछ समझने का मौका नहीं मिला।
आधा घंटे तक नहीं खोले गेट
एनआईए टीम बुधवार रात को ठीक तीन बजे जिला अस्पताल के पास स्थित कारोबारी के मकान पर पहुंच गई थी। टीम ने डोर बेल बजाई लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद करीब आधे घंटे तक टीम गेट खटखटाने के साथ ही आवाज लगाती रही लेकिन कोई बार नहीं आया। बाद में किसी तरह आधे घंटे के बाद कमलकांत के बेटे ने गेट खोला। इसके बाद टीम घर में दाखिल हुई।