फोटो-11- गांव की सड़क पर फैला कीचड़ व जलभराव।संवाद
सहायल। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में नाली, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर विकास के दावे कर रही है।
वहीं ग्राम पंचायत सबलपुर के मजरा पुरवा समई की तस्वीर उलट है। गांव में न तो नाली निर्माण कराया गया है और न ही सड़क व इंटरलॉकिंग का कार्य हुआ है। इससे ग्रामीणों को कीचड़ व जलभराव के बीच आवागमन करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय से लेकर लक्ष्मी नारायण शर्मा के घर तक लगभग 700 मीटर लंबा मार्ग पूरी तरह से कीचड़ युक्त हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर करीब दो दशक पहले खड़ंजा बिछाया गया था लेकिन उसके बाद आज तक कोई मरम्मत या नया निर्माण कार्य नहीं कराया गया। इससे बरसात शुरू होने से पहले ही रास्ता दलदल में तब्दील हो चुका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से कई ग्राम प्रधान बदले लेकिन पुरवा समई की तस्वीर नहीं बदल सकी। आरोप है कि वर्तमान ग्राम प्रधान ने अपने गांव पुरवा नथा में पक्की सड़कें, नालियां और अन्य विकास कार्य कराए हैं जबकि पुरवा समई पूरी तरह उपेक्षित है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने समस्या के समाधान के लिए कई बार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई लेकिन आज तक न कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही ग्राम प्रधान व अन्य जिम्मेदारों ने गांव की स्थिति देखने की जरूरत समझी।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की बदहाल स्थिति के कारण अब रिश्तेदार भी यहां आने से कतराने लगे हैं। बरसात के मौसम में कीचड़ और जलभराव इतना बढ़ जाता है कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने डीएम से गांव का स्थलीय निरीक्षण कराकर आवश्यक विकास कार्य कराने की मांग की है।