जिले के प्रमुख रेलवे स्टेशन फफूंद पर दुर्घटना से देर भली कहावत पर कोई ध्यान नहीं देता। यहां भले ही रेल प्रशासन यात्रियों को रेलवे ट्रैक पार न करने की चेतावनी के लिए प्रतिदिन एनांउंस करते हैं। इसके बावजूद रेलवे स्टेशन फफूंद पर रेलयात्री अपनी जिंदगी के प्रति खासे बेपरवाह हैं।
सुबह एवं शाम की ट्रेनों में भीड़ के चलते प्लेटफार्म के बजाय यात्री जल्दबादी में रेलवे ट्रैक पर इंतजार करते दिख जाते हैं। आलम यह है कि नानस्टाप अप ट्रैक पर भी कई यात्री मोबाइल चलाते दिखते हैं। इससे कभी भी बड़े हादसे का अंदेशा रहता है। लोगों के मुंह से बरबस यह निकल जाता है कि इन यात्रियों के लिए जान कीमती है या ट्रेन की सीट।