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शिक्षामित्रों ने किया प्रदर्शन, स्कूल बंद

Thu, 17 Sep 2015 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, औरैया।
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शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किए जाने का विरोध बुधवार को चौथे दिन भी जारी रहा। शिक्षामित्रों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर हंगामा किया तथा कामकाज ठप कराया। शिक्षामित्रों ने कार्यालय के बाहर बैठक कर आगे के आंदोलन की रणनीति बनाई। बाद में जिलाधिकारी से संबोधित प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
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आदर्श शिक्षा वेलफेयर एसोसिएशन संघ के जिलाध्यक्ष धरमवीर सिंह यादव, आशू दुबे, विमल दुबे के आह्वान पर जिले की शिक्षामित्र जिला मुख्यालय पहुंचे।


शिक्षामित्रों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर बीएसए कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय का कामकाज ठप कराया। इसके बाद कार्यालय के बाहर बैठक कर आगे के आंदोलन की रणनीति तैयार की।

 
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष धरमवीर सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले से शिक्षामित्र काफी आहत हुए हैं। कोर्ट के फैसले से सभी शिक्षामित्र भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं।
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बैठक के बाद संगठन के एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में फेरू सिंह, आलोक अग्निहोत्री, अजय सेंगर, मुकेश  यादव, किरन त्रिपाठी, मनोज  चतुर्वेदी, अनीता सेंगर, पूनम देवी समेत सैकड़ों शिक्षामित्र मौजूद रहे।

सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल करेगी एकेडमिक मैरिट समिति- औरैया। शिक्षक पात्रता परीक्षा के आधार पर सहायक अध्यापकों की तैनाती को शैक्षणिक मैरिट उत्थान समिति न्यायालय में चुनौती दे रही है।


समिति ने अधोमानकों पर प्राथमिक विद्यालयों में समायोजित किए गए शिक्षामित्रों से उच्च न्यायालय में जंग जीतने के बाद सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल करने का निर्णय लिया है।

 
देवकली मंदिर पर प्रदेश स्तरीय बैठक में समिति के प्रदेश अध्यक्ष अंशुल मिश्रा ने कहा कि शिक्षामित्रों को रोजगार उपलब्ध करवाना राज्य सरकार का दायित्व है, लेकिन जिस पर एकेडमिक मैरिट अभ्यर्थियों का अधिकार है वो किसी अन्य को देना गलत है।


प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य  सरकार पर इस मामले में दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट में समिति की ओर से केविएट दाखिल की जाएगी ताकि शिक्षामित्रों द्वारा दाखिल की जाने वाली याचिका पहली ही सुनवाई में खारिज हो सके।

 
प्रदेश अध्यक्ष मिश्रा ने हाईकोर्ट के समायोजन रद्द करने के आदेश के बाद शिक्षामित्रों के द्वारा किए जा रहे हिंसात्मक प्रदर्शन को गलत ठहराते हुए कोर्ट के आदेश की अवहेलना करना बताया है। उन्होंने शिक्षामित्रों की अराजकता को लेकर उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दाखिल करने का ऐलान किया है।


बैठक में समिति के विनीत सिंह, अशोक द्विवेदी, हरी ओम गुप्ता, प्रभात मिश्रा, संकल्प पांडेय, शशांक मिश्रा, पुनीत अवस्थी, मुन्ना लाल समेत अन्य प्रांतीय व जिलास्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।


18 को करेंगे पीएम का घेराव- औरैया। समायोजन रद्द होने के बाद से प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों ने अपने आंदोलन को और धार देते हुए 18 सितंबर को बनारस में पीएम मोदी का घेराव करने का निर्णय लिया है। जिला स्तर पर संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षामित्रों से गुरुवार को बनारस के लिए रवाना होने का आह्वान किया है।

 
हाईकोर्ट के सहायक अध्यापक का दर्जा छीन लेने के निर्णय के बाद से जिले के शिक्षामित्र आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को शिक्षामित्र के आंदोलन को और धार देने के लिए लखनऊ में प्रांतीय पदाधिकारियों की बैठक में प्रदेश के सभी शिक्षामित्रों से बनारस रवाना होने की अपील की गई है।

 
प्रांतीय आह्वान पर शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिला मीडिया प्रभारी विमल दुबे ने बताया कि बैठक में सभी शिक्षामित्रों को बनारस कूच करने के निर्देश दिए गए हैं।


18 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष शिक्षामित्र प्रदर्शन कर एनसीटीई के मानकों में संशोधन करने का मांग पत्र सौंपेंगे। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को अपना भविष्य और अस्तित्व बचाने के लिए अंत तक संघर्ष करने की अपील की है।
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