फोटो-02एयूआरपी 20- दिबियापुर कस्बा से सटे घेरा में जलमग्न खेत। फाइल फोटो
औरैया। इसे अनदेखी कहें या कुछ और कि 200 बीघा खेत बारिश के पानी से जलमग्न है। साल 2019 से कई किसान इस दंश को झेल रहे हैं लेकिन सरकारी अमला किसानों से उनकी इस समस्या की सुध लेने ही नहीं पहुंचा है। मन मसोस कर किसान अपने जलमग्न खेतों को निहारते रहते हैं। उनकी अपने खेतों में फसल उगाने के अरमानों पर लगातार पानी फिर रहा है। किसानों का आरोप है कि सरकारी तंत्र इस समस्या की सुध लेने ही नहीं पहुंचा है।
घेरा निवासी नागेंद्र सिंह, बलवीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, राजेश कुमार, उपेंद्र सिंह समेत कई किसानों का कहना है कि साल 2019 से मैनपूठ नाले की निकासी दुरुस्त नहीं है। यहां पर 200 बीघा खेत साल 2019 से साल के आठ माह डूबे रहते हैं। ऐसे में फसलें नहीं उग पा रही है। तमाम बार अधिकारियों से शिकायत की गई। शासन स्तर पर भी समस्या उठाई गई लेकिन सरकारी अमले से इस समस्या की आज दिन तक सुध नहीं ली गई। कागजों में ही इस समस्या को निपटा दिया जा रहा है।
किसानों का आरोप है कि वो अपने खेतों में फसल नहीं उगा पा रहे हैं। उनके अरमान हैं कि फसलें उगे तो आजीविका की राह आसान हो। बड़े पैमाने पर इस जमीन पर गेहूं व धान की फसलें उगती रही हैं लेकिन सीपेज की समस्या ने उनकी मंशा पर पानी फेर दिया है। सरकारी अमला भी इस समस्या की अनदेखी कर रहा है।