संवाद न्यूज एजेंसी
बिधूना। तीन अक्तूबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र को लेकर मंदिरों से लेकर घरों तक तैयारियां जोरों से शुरू हैं। अगले नौ दिनों तक माता के नौ स्वरूपों की पूजा की जाएगी। इस बार माता का आगमन डोली पर होगा और भैंसे पर विदाई होगी। 12 अक्तूबर को विजय दशमी मनाई जाएगी।
नव दुर्गा की तैयारियों के लेकर मंदिरों में साफ-सफाई जोरों पर है। जगह-जगह पंडाल लगाए जा रहे हैं। कस्बा बिधूना क्षेत्र के पसुआ निवासी रामदास मिश्रा ने बताया कि शारदीय नवरात्र तीन अक्तूबर से प्रारंभ हो रहा है। तृतीया तिथि वृद्धि होने से देवी दुर्गा की पूजा उपासना का यह पर्व 12 अक्तूबर तक चलेगा। देवी दुर्गा प्रतिमा विसर्जन व नवरात्र व्रत पारण 13 अक्टूबर को सुबह 09:09 बजे से पहले किया जाएगा। इस बार एक तिथि की बढ़ोतरी हुई है।
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दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन तीन अक्तूबर को मां शैल पुत्री की पूजा होगी। इस दिन सुबह 09:39 से दोपहर 12:31 तक हस्त नक्षत्र, स्थिर लग्न, अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना होगी। घट स्थापना समय में भद्रा व अन्य दोष ना होने के कारण अत्यंत शुभ फल प्रदान करने वाला होगा। कलश स्थापना के लिए हस्त नक्षत्र में सुबह 07:44 से दोपहर 1:35 बजे तक समय सही रहेगा। इसके बाद ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंद माता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री देवी का पूजन होगा। बताया कि जो भी पहली बार नवरात्र के व्रत रखना चाह रहा है उसके लिए बहुत ही शुभ होगा।