राष्ट्रीय विकलांग पार्टी का बघाकटरा स्थित जिला कार्यालय का राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र कुमार ने उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी आगामी विधान सभा चुनाव में चार सौ प्रत्याशियों को मैदान में उतारेगी। जिसमें किन्नर समुदाय के लोग भी शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि इस बार पार्टी विधानसभा चुनाव में वर्तमान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, शीला दीक्षित, मायावती सहित जितने भी पूर्व मुख्यमंत्री हैं सबके खिलाफ किन्नर प्रत्याशियों को उतारेगी। कहा कि किन्नर भी लैंगिक विकलांगता की श्रेणी में आते हैं। प्रदेश में करीब 40 लाख विकलांग हैं। इसके बावजूद भी राजनैतिक स्तर पर उनकी उपेक्षा की जा रही है। राष्ट्रीय विकलांग पार्टी प्रदेश में विकलांगजनों को संगठित करने का काम कर रही है। संगठन को मजबूत करने के लिए जिलेवार बैठकों का दौर जारी है। जिलों में कार्यालय खोले जा रहे हैं। आज तक प्रदेश में विभिन्न पार्टियों के जितने भी मुख्यमंत्री बने किसी ने भी विकलांगजनों को नौकरी, रोजगार व पेंशन बढ़ाने की दिशा में कोई काम नहीं किया।
उन्होंने प्रदेश सरकार से विकलांगों को नौकरी व रोजगार की व्यवस्था न होने तक प्रतिमाह 2500 रुपये मासिक पेंशन दिए जाने की मांग की। साथ ही विकलांगों का उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की। चेतावनी भी दी कि यदि एक माह के अंदर उनकी मांगें पूरी न हुई तो इसके खिलाफ वह 17 अक्तूबर को लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। कहा कि इससे पहले भी राष्ट्रीय विकलांग पार्टी मध्य प्रदेश की पूर्व विधायक किन्नर शबनम मौसी को 2012 के विधान सभा में अपना प्रत्याशी बना चुकी है। बरेली व गाजियाबाद से भी पार्टी ने किन्नर प्रत्याशी को उतारा था।
इस दौरान मंडल महासचिव सुरेश चंद्र यादव, सतीश चंद्र यादव, अरविंद कुमार श्रीवास्तव, संतोष कुमारी, शिवशंकर यादव, सुमन श्रीवास्तव, रंजीत सिंह, फिरोजदीन, मानसिंह कुशवाहा, सतनाम सिंह, अल्पना कुमारी, जितेंद्र कुमार वर्मा, शिव कुमार वर्मा आदि शामिल रहे।