सेहुद स्थित धौरा नाग मंदिर पर नाग पंचमी के दिन मेला का आयोजन किया गया। शाम को दंगल में पहलवानों ने दांव पेंच दिखाए। श्रद्धालुओं ने धौरानाग मंदिर में दूध एवं प्रसाद चढ़ाकर मन्नत मांगी और महिलाओ, युवतियों ने मेले में खरीददारी की।
सैकड़ों वर्ष पुराने सेहुद स्थित धौरानाग मंदिर में बुधवार को तड़के से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी प्रारंभ हो गई। प्रसाद चढ़ाकर मन्नत मांगने के उपरांत श्रद्धालुओं ने मेले में खरीददारी की।
प्राचीन धौरानाग मंदिर के बारे में मान्यता है कि श्रापित होने के कारण मंदिर की छत पर आज तक छत नहीं डाली जा पाई। जिस किसी व्यक्ति ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराने का प्रयास किया, उसका अनिष्ट हो गया। यहां के बर्रों ने मुगल शासक मुहम्मद गौरी की फौज को भगा दिया था, यहां कन्नौज के राजा जयचंद की चौकी हुआ करती थी।
देर शाम यहां दंगल का आयोजन किया गया। फीता काटकर एवं पहलवानों के हाथ मिलवा कर भाग्यनगर ब्लाक प्रमुख विनय यादव, सेहुद प्रधान सुदेश राजपूत एवं ककराही के पूर्व प्रधान दिवाकर पांडेय ने दंगल प्रारंभ कराया।
देर रात तक यहां पहलवानों ने दांव पेंच दिखाए। दंगल में सुदूर जनपदों से पहलवान हिस्सा लेने आते हैं। मेले में सुरक्षा व्यवस्था देखने के लिए सीओ सदर जीडी मिश्रा, थानाध्यक्ष फहीम अख्तर पहुंचे।