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Auraiya News: मुस्लिम पति ने हिंदू पत्नी का किया दाह संस्कार

Sun, 22 Jun 2025 12:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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दिबियापुर (औरैया)। असेनी गांव में एक मुस्लिम युवक ने मानसिक रूप से कमजोर एक हिंदू महिला को करीब 30 साल से पत्नी की तरह रखा। शुक्रवार को बीमारी से महिला का निधन हो गया।
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इस पर उसने पत्नी का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया। चर्चा है कि निकाह न होने से मुस्लिम समुदाय ने शव कब्रिस्तान में दफनाने का विरोध किया।

वाकर अली की 55 वर्षीय कथित पत्नी भागवती की बीमारी से मौत हो गई। वाकर जब भागवती के शव को कब्रिस्तान ले गए तो मुस्लिम समुदाय ने शव दफन करने से मना कर दिया। समुदाय का कहना था कि भागवती का निकाह नहीं हुआ था।

वाकर अली मूल रूप से रसूलाबाद के उसरी विला गांव के निवासी हैं। वह 30 साल पहले असेनी गांव में आ गए थे। घर न होने के कारण वह एक पुरानी साधन सहकारी समिति की खंडहर इमारत में रह रहे थे।
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वाकर ने बताया कि इससे पहले उनके बेटे का अंतिम संस्कार मुस्लिम रीति-रिवाज से कब्रिस्तान में हुआ था। इस बार समुदाय के मना करने पर उन्होंने हिंदू समाज से मदद मांगी। हिंदू समाज के लोगों ने आगे आकर दिबियापुर के मुक्तिधाम में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ भागवती का अंतिम संस्कार करा दिया।

उधर, दिबियापुर के मुतवल्ली मसीद कादरी ने बताया कि वाकर अहमद ने अगर किसी हिंदू समाज की महिला को रखा और उसकी मौत हो गई तो सबके सहयोग से मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार हुआ तो यह इंसानियत की बात है। अगर महिला मुस्लिम समाज की होती तो उसका दाह संस्कार नहीं कर सकते हैं।
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