कोतवाली में टैंकर ले जाती पुलिस
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शहर में पालिका की ओर से भीषण गर्मी में लोगों को पानी मुहैया करा रहे टैंकर को एसडीएम के आदेश के बाद जब्त कर कोतवाली में खड़ा करा दिया गया। एसडीएम ने बताया कि टैंकर पर अध्यक्ष प्रतिनिधि की फोटो लगी थी जो नियमों के मुताबिक गलत है। टैंकर पानी पिलाने के लिए है न कि प्रचार के लिए। वहीं इस पूरी कार्रवाई में सत्ता पक्ष के दबाव की बू आ रही है। जनता के लिए पिछले चार साल से चलाए जा रहे टैंकर पर अचानक कार्रवाई से कई सवाल खड़े हो गए हैं। टैंकर जब्त किए जाने से राहगीरों व व्यापारियों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो गया है।
नगर पालिका भीषण गर्मी मेें राहगीरों व व्यापारियों के लिए टैंकर से मुख्य मार्गों पर ठंडा पानी उपलब्ध कराता है। पिछले चार सालों से पालिका प्रशासन यह काम कर रहा है। उक्त टैंकर पर शुरूआत से ही नगर पालिका के सभी सभासदाें के साथ अध्यक्ष प्रतिनिधि लालजी शुक्ला की फोटो लगी है। इसी बीच शनिवार को अचानक एसडीएम सदर जितेंद्र श्रीवास्तव के आदेश पर उक्त टैंकर को जब्त कर कोतवाली में खड़ा करा दिया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के लिहाज से उक्त काम सत्ता पक्ष के इशारे पर कराया गया है। जिसमें अचानक जिला प्रशासन को टैंकर पर लगी अध्यक्ष प्रतिनिधि लालजी शुक्ला की फोटो नियम विरूद्ध लगी।
इसी के चलते एसडीएम जितेंद्र श्रीवास्तव के आदेश पर टैंकर जब्त करा लिया गया। मजे की बात तो यह है कि चार साल के कार्यकाल के दौरान एक-दो बार अधिशाषी अधिकारी की अनुपस्थिति में एसडीएम को प्रशासक के तौर पर ईओ का चार्ज दिया गया। इसमें वर्तमान एसडीएम जितेंद्र श्रीवास्तव के पास भी ईओ का चार्ज रहा है। फिलहाल जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से आम जनता में जिला प्रशासन के प्रति खासा आक्रोश है।
मुझे किसी प्रकार का कोई लिखित आदेश आज तक नहीं दिया गया है। टैंकर को जब्त करके जिला प्रशासन ने आम जनता के हितों की अनदेखी की है। भीषण गर्मी में पालिका शहरवासियों के लिए हर संभव पानी मुहैया कराए जाने के लिए कटिबद्ध है। जिसका पूरी निष्ठा से निर्वाहन किया जा रहा था। अगर कोई दिक्कत थी तो इसके लिए कार्रवाई करने से पहले अधिशाषी अधिकारी के माध्यम से लिखित दिया जाना चाहिए था। आम जनता की राहत को चलाया जा रहा टैंकर जब्त किया जाना दुखद है। यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है।
लालजी शुक्ला, अध्यक्ष प्रतिनिधि, नगर पालिका परिषद
टैंकर को आम लोगों को पानी पिलाने के लिए चलाया जाने के लिए है न कि उस पर फोटो लगाकर प्रचार करने के लिए। इससे पहले भी एक-दो बार मना किया गया। न मानने पर टैंकर को जब्त करने की कार्रवाई की गई।
जितेंद्र श्रीवास्तव, एसडीएम, सदर