उत्तर प्रदेश एमपीडब्ल्यू एसोसिएशन ने मल्टीपरपज वर्करों को प्रशिक्षित कराने एवं हेल्थ वर्कर के पद पर समायोजन करने की मांग की है। उन्होंने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री तक ज्ञापन प्रेषित किया।
जिलाध्यक्ष सचिन कुमार गुप्ता ने बताया वे लोग संविदा के आधार पर कार्यरत हैं। उत्तर प्रदेश चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के पद के लिए इंटरमीडिएट शैक्षिक योग्यता के साथ एक वर्ष के प्रशिक्षण वाले अभ्यर्थी को अर्ह माना है।
वर्तमान में प्रदेश में कुल 20531 पुरुष हेल्थ वर्करों की आवश्यकता है। इसके सापेक्ष केवल 1729 हेल्थ वर्कर ही नियमित कार्यरत हैं। 18802 पुरुष हेल्थ वर्कर के पद रिक्त हैं। इसमें केवल 3575 ही संविदा के आधार पर कार्यरत हैं।
वर्ष 1999 के बाद हेल्थ वर्कर पुरुष के पदों पर नियमित नियुक्तियां नहीं की गईं।
प्रदेश में संविदा पर तीन वर्ष सेवा देने के उपरांत एमपीडब्ल्यू को उनके पदों से हटाया जा रहा है। इससे संविदा कर्मचारी व उनके परिवारीजनों को बेरोजगारी के साथ दुखों का सामना करना पड़ रहा है। मांग की कि सितंबर 2014 के बाद एमपीडब्ल्यू का नवीनीकरण पत्र जल्द से जल्द जारी किया जाए।
इसके साथ ही 12 माह का प्रशिक्षण दिलाकर हेल्थ वर्कर पुरुष के पद पर समायोजित किया जाए। अमित कुमार, पवन यादव, उदयवीर सिंह, मुकेश कुमार, आकाश कुमार, पंकज कुमार, नीतू सिंह, सर्वदमन पांडेय, हरीश कुमार, रमाकांत गुप्ता, इरफान उल्ला खां, अभिषेक प्रताप, राजवीर सिंह, प्रतापसिंह आदि मौजूद रहे।