संवाद न्यूज एजेंसी
दिबियापुर। मोदी जी की अगली सरकार में औरैया के रेलवे स्टेशन फफूंद का नाम दिबियापुर रेलवे स्टेशन करा देंगे, नहीं तो ..खरोंचकर लिख देंगे दिबियापुर। भाजपा की घोषित प्रत्याशियों की सूची में शामिल सांसद डाॅ.रामशंकर कठेरिया के ऑफीशियल एक्स हैंडल पर सोमवार सुबह की गई यह पोस्ट बाद में डिलीट कर दी गई। इससे तरह तरह की चर्चाएं होतीं रहीं।
सोमवार की सुबह नौ बजकर 35 मिनट पर सांसद के आफीशियल एक्स हैंडल से एक पोस्ट की गई। इसमें फफूंद रेलवे स्टेशन का नाम बदलने को लेकर पोस्ट लिखी गई थी। साथ ही सांसद का 37 सेकेंड का एक वीडियो भी पोस्ट किया गया। यह वीडियो 10 दिन पहले गत 23 फरवरी का था।
वीडियो उस समय का था, जब नगर पंचायत दिबियापुर में आयोजित कार्यक्रम में सांसद डाॅ.रामशंकर कठेरिया ने रेलवे स्टेशन फफूंद का नाम दिबियापुर कराने को लेकर मंच से ही बयान दिया था। सांसद की पोस्ट आते ही लोग धड़ाधड़ उनकी इस पोस्ट पर कमेंट करने लगे। देखते ही देखते थोड़ी देर में ही यह पोस्ट विभिन्न सुर्खियां बन गईं, लेकिन कुछ घंटों बाद सांसद की यह पोस्ट डिलीट कर दी गई।
इस संबंध में सांसद डाॅ.रामशंकर कठेरिया ने बताया कि पुराने बयान को इतने दिनों बाद पोस्ट करने का कोई औचित्य नहीं था। प्रधान और नगर टाउन एरिया सब लोग प्रस्ताव पास कराके देंगे तो रेलवे स्टेशन का नाम जरूर बदलवा देंगे। इसमें कोई संशय नहीं है। बताया कि चुनाव से पहले रेलवे स्टेशन फफूंद पर ट्रेनों के ठहराव के प्रयास में लगे हुए हैं।
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दिबियापुर स्थित रेलवे स्टेशन का नाम फफूंद होने से रहता है भ्रम
दिबियापुर। दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग पर स्थित फफूंद रेलवे स्टेशन का नाम बदलवाना दिबियापुरवासियों के लिए एक सपने की तरह है। इटावा और कानपुर के बीच सर्वाधिक आमदनी वाले रेलवे स्टेशन फफूंद का नाम दिबियापुर कराने के लिए कई वर्षों से दिबियापुर के लोग अभियान चला रहे हैं। अब चुनाव से पहले एक बार फिर से मांग ने जोर पकड़ रखा है। दिबियापुर नगर के बीचों बीच स्थित रेलवे स्टेशन फफूंद का नाम लगभग नौ किलोमीटर दूर स्थित फफूंद कस्बे के नाम पर है। इससे बाहर से आने जाने वाले लोगों को भ्रम होता है।