औरैया। कोतवाली क्षेत्र के गांव पढ़ीन निवासी सफाई कर्मी की मौत के बाद अब नौकरी के लिए मां-बेटे आमने-सामने हैं। जबकि पति की मौत के बाद से पत्नी अपने चार बच्चों को छोड़कर मायके में रह रही है। सफाई कर्मी के बड़े पुत्र ने डीपीआरओ कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर पिता की नौकरी उसे देने की गुहार लगाई है। जबकि उसके बालिगहोने में दो माह का समय शेष है। इधर मृतक की पत्नी स्वयं नौकरी और पेंशन छोड़ने को तैयार नहीं है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पढ़ीन निवासी और सफाई कर्मी अनिल कुमार की 18 फरवरी 2018 को मौत हो गई थी। सुनीता देवी पति की मौत के बाद अपने चार बच्चे ऋतिक प्रताप सिंह ( 17 साल दस माह), राहुल प्रताप सिंह (12), हिंमांशू (8) व कृष्णा (4) को छोड़कर अपने मायके शाहजहांपुर कानपुर देहात चली गई। मृतका की बहन ममता ने बताया कि उसके चार भाई थे। जिनमें एक की पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। बाद में अनिल की मौत हो गई। दो भाई बचे हैं। दोनो भाइयों के छह बच्चों का पालन पोषण परिवार को करना पड़ रहा है। अनिल की पत्नी सुनीता देवी भाई की मौत के बाद से मायके में है। थाने में इसके खिलाफ शिकायती पत्र भी दिया गया था। तब थाने में हलफनामा देकर पुत्र को नौकरी देने की बात कही थी, लेकिन वह अपने वादे से मुकर रही है। ऐेसे में चार बच्चों का पालन-पोषण करने में कठिनाई हो रही है। ऋतिक प्रताप सिंह ने डीपीआरओ के.के. अवस्थी को शिकायती पत्र देकर पिता की नौकरी उसे दिलाए जाने की गुहार लगाई है। इस संबंध में डीपीआरओ को कहना है कि मामला पेचीदा है। प्रकरण की जांच कराई जाएगी।