कस्बे के भरथना रोड स्थित एक मकान में रविवार देर रात एक कमरे में अज्ञात कारणों से लगी आग से महिला व उसकी तीन साल की मासूम बेटी की जलकर मौत हो गई। साथ में रह रहे मृतका के बहन के बेटे ने परिजनों को सूचना दी तो परिजन आकर शव गांव ले आए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, घटना संदिग्ध बनी हुई है। सूचना पर एएसपी पंकज कुमार जांच पड़ताल करने पहुंचे।
बेला क्षेत्र के गांव पुर्वा अजीत निवासी मधु(27) पत्नी प्रवीण कुमार अपनी तीन साल की बेटी श्रेया(3) व अपनी बहन के बेटे सानू (15)पुत्र सर्वेश निवासी गपचरियापुर के साथ भरथना रोड बिधूना में अपने निजी मकान में रहती है। पति प्रवीण उत्तराखंड में एक प्राईवेट कंपनी में नौकरी करता है। रविवार रात मधु अपनी पुत्री श्रेया के साथ सो गई। जबकि सानू दूसरे कमरे में सो गया। रात में अज्ञात कारणों से मधु की चारपाई में आग लग गई। सानू की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने कमरा खोलकर देखा तो मृत मिले। परिजन दोनों के शव लेकर गांव पुर्वा अजीत आ गए। सोमवार दोपहर घटना की सूचना मिलने पर एसपी रामकिशोर व अपर पुलिस अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव गांव पहुंचे। वहीं, परिजन भी कुछ बता नहीं पा रहे हैं। इस संबंध में एएसपी पंकज कुमार का कहना है कि मामला संदिग्ध है।
एक मात्र गवाह सानू पर टिकी निगाहें
मां-बेटी की जलकर मौत के मामले में कारण पता लगाने में पुलिस भी उलझी है। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। शार्ट सर्किट से आग लगने का तथ्य मजबूत नहीं दिख रहा है, क्योंकि बिजली की वायरिंग कहीं से भी नही जलीं और न ही स्पार्किंग हुई। वहीं पूरे मामले में एक मात्र गवाह है मृतका की बहन का बेटा। पुलिस की निगाह अब उस पर ही टिकी है। पुलिस उससे पूछताछ करने के लिए गांव गई है।
मौत की सूचना पर मृतका मधु का भाई मुलायम सिंह निवासी टिड़वा निवादा रसूलाबाद भी मौके पर आ गया था। उसकी तहरीर पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने घटनास्थल पर मकान का निरीक्षण किया तो उसमें शार्ट सर्किट से आग लगने की संभावनाएं नहीं मिली। क्योंकि कोई भी वायर जला हुआ नहीं था। पुलिस अब मृतका के बहन के बेटे से पूछताछ कर रही है। बेला थानाध्यक्ष अखिलेश का कहना है कि मृतका के ससुर कानपुर में बस चालक है और सास बाहर गई थी। वहीं, भाई ने अभी कोई आरोप नहीं लगाया है।