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मॉर्निंग कोर्ट के मुद्दे पर वकीलों में फिर सुलगने लगी आग

Wed, 29 Apr 2015 12:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
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उच्च न्यायालय से प्रदेश के 36 जिलों में मॉर्निंग कोर्ट समाप्त किए जाने के विरोध में एक वर्ष से चल रहा वकीलों का विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है।
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पूर्व निर्धारित हड़ताल के तहत हर माह की 28 तारीख को जिला जजी के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहकर काम ठप रखते हैं। अब जब गर्मी का मौसम फिर आ गया है, ऐसे में अधिवक्ताओं में फिर से मॉर्निंग कोर्ट का मुद्दा गरमाने लगा है। इससे न्याय की आस लेकर आने वाले फरियादियों को भटकने के बाद सिर्फ तारीख ही लेकर ही वापस लौटना पड़ता है।


 
उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा प्रदेश के 36 जिलों में मई व जून में होने वाली मॉर्निंग कोर्ट के समय में तब्दीली कर 12 महीने एक ही समय पर कोर्ट संचालित कराने का एक वर्ष पूर्व आदेश जारी किया था। इससे सभी जिलों के अधिवक्ताओं में खासा विरोध है।
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औरैया कचहरी में विरोध स्वरूप हर माह की 28 तारीख को अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहकर आक्रोश जताते आ रहे हैं।


 
अब मई माह के आगमन में महज दो दिन ही शेष बचे हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं में एक बार फिर से मॉर्निंग कोर्ट का मुद्दा गरमाने लगा है। इस सिलसिले में 28 अप्रैल को कचहरी में अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते पूरा काम ठप रहा, जिससे पूरे दिन सन्नाटे की स्थिति बनी रही।


 
डीबीए प्रवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि अधिवक्ताओं की ओर से उच्च न्यायालय द्वारा वर्तमान में कचहरी का समय सुबह 10 से शाम पांच बजे तक का है, जबकि अधिवक्ता पूर्व की भांति सुबह 6:30 से 12 बजे तक कोर्ट का समय किए जाने की मांग कर रहे हैं।


हालत यह है कि जून में सिविल कोर्ट भी बंद हो जाती हैं। ऐसे में अगर यह मामला जल्द निस्तारित न हुआ तो फरियादियों को मई से जून माह तक सिर्फ तारीखों से ही काम चलाना पड़ेगा।
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श्री शर्मा ने बताया कि मॉर्निंग कोर्ट को लेकर कुछ जिलों ने 30 अप्रैल व एक मई की हड़ताल घोषित कर दी है। जिला बार एसोसिएशन औरैया ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।
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