औरैया। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शहर के दो प्रमुख सुभाष और जेसीज चौराहों का दायरा बढ़ाया गया। बावजूद इसके चौराहों पर जाम की समस्या जस की तस बनी है।
सुभाष चौराहे पर जहां 40-50 ठेलों के अतिक्रमण से हर रोज दिन में कई बार जाम लग रहा है। वहीं, एक हजार से ज्यादा वाहन चालक और पांच हजार से अधिक राहगीर इस जाम से परेशान हैं। जेसीज चौराहे का हाल भी बुरा है।
औरैया शहर में दो प्रमुख चौराहे हैं। इनमें एक सुभाष चौक तो दूसरा जेसीज चौराहा है। सुभाष चौक पर नेताजी सुभाष चंद्र और जेसीज चौराहे पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गेंदालाल दीक्षित की प्रतिमा स्थापित हैं। इनके ऊपर छांव की कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में पालिका प्रशासन इन चौराहों पर लगी प्रतिमाओं पर छांव के साथ चौराहे संवारने में लगी है।
वहीं, शहर के सबसे व्यस्त चौराहे सुभाष चौक पर लगने वाले जाम को देखते हुए प्रशासन ने गोलचक्कर का दायरा भी कम किया है। फिर भी यहां पर जाम की समस्या दूर नहीं हो रही है। यातायात पुलिस की मानें तो यहां पर जाम लगने का सबसे मुख्य कारण एक तो अतिक्रमण है और दूसरा रोडवेज की बसें।
सड़क पर बसों के खड़े होने से जाम की समस्या बनी रहती है। दिन में कई-कई बार चौराहे पर जाम लगता है। चौराहे पर 40-50 ठेला दुकानदार चौराहे के आसपास डटे रहते हैं। ऐसे में जाम लगने से वाहनों का निकलना मुश्किल होता है। इससे रोजाना एक हजार से अधिक वाहन चालक और हजारों राहगीर परेशान होते हैं।
जाम को खुलवाने में यातायात पुलिस के पसीने छूट जाते हैं। वहीं, जेसीज चौराहे पर दिनभर में दो हजार से अधिक भारी वाहन निकलते हैं। यहां भी जाम की स्थिति बनी रहती है। वाहन चालक कई बार जाम से जूझते हैं।
उधर, यातायात प्रभारी देवेंद्र कुमार का कहना है कि चौक पर जाम लगने की वजह अतिक्रमण है। रोजवेज बसें भी जाम लगने का कारण भी बनती हैं। सड़क पर बसों के खड़े होने पर चालान किया जाता है, फिर भी वो मानते नहीं हैं। इसे लेकर अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।