औरैया। जिले में डिपो की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा बढ़ाने के उद्देश्य से छह मिनी बसों की मांग शासन से की गई थी। इन बसों के जरिये उन गांवों को जोड़ने की योजना थी, जहां अब तक कोई नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं है।
करीब 100 गांव बस की सुविधा से वंचित हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना की घोषणा से प्रस्तावित छह मिनी बसों के संचालन पर असमंजस की स्थिति है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना की घोषणा कर दी गई है। इसके तहत निजी बस संचालकों को 28 सीटर तक की बसें सुबह 10 बजे से रात आठ बजे तक परमिट में रियायत देकर चलाने की छूट दे दी गई है। इस योजना को लागू करने के लिए अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि यह इतना आसान होगा नहीं।
असल में जिले में इटावा-कन्नौज बॉर्डर से सटे गांव जयसिंहपुर कनक, उमरैन, ईश्वरपुर, नगला मनभावन, हरनागरपुर, नगला बांस, महावीर नगर, नगला दौलत, तुर्कपुर यासीन में बस सेवा नहीं है। इसके अलावा कुकरकाट, रमपुरा, बंधा, कुचैदा, सिलवट, पखनगोई, नगला पहाड़ी, दीनपुर धर्मजीत, कल्याणपुर, बरौना कुर्द, दोबामाफी में भी बसें नहीं हैं। साथ ही सुल्तानपुर, किल्लामपुर और बोजा समेत कई गांवों में आज तक बस सेवा नहीं पहुंच पाई है। इन गांवों के लोगों को आवागमन के लिए निजी साधनों या डग्गामार वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
इसी तरह एरवाकटरा-छिबरामऊ रोड पर स्थित उदईपुर, देईपुर, गाजीपुर, बाऊखेड़ा, इतैवी, सुरैंदा, नगला भगत, बीजपुर, मन्नाकोला, सूरजपुर एरवा और नगला हरीराम जैसे गांव भी बस कनेक्टिविटी से वंचित हैं। वहीं, एरवाकटरा से बिधूना मार्ग पर एरवाटिकटा, एरवाटीकुर, रघुनाथपुर, चिकटा, गुलालपुर, लालपुर, फैज्जुलापुर, हमीरपुर, हिरमी, समायन, ऊसरपाटी और हरचंदापुर सहित कई गांवों में भी नियमित बस सेवा नहीं है। इसी रूट पर जिले का स्पोर्ट्स स्टेडियम बढि़न में बना है, जहां तक भी बस नहीं जाती।
कुछ निजी बसें केवल बिधूना तक ही संचालित होती हैं, जिसके बाद यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। इसके अलावा अयाना क्षेत्र में भी कोई नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं है। जिले के सौ से भी अधिक गांव आज भी बस सुविधा से वंचित हैं।
एआरएम रोडवेज अपर्णा मीनाक्षी ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना लागू कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए प्राइवेट बस संचालकों से बैठक कर खाका तैयार किया जाएगा। ऐसे गांवों की सूची बना ली गई है, जहां बस नहीं जाती। जल्द ही सभी गांवों को बस की कनेक्टिविटी देने का प्रयास रहेगा।