अजीतमल। कोतवाली के नवीन नगर में एक बुजुर्ग को बंदरों के झुंड ने दौड़ा लिया। वह बचने के लिए छत की सीढि़यों की तरफ भागे, लेकिन वो गंभीर घायल हो गए। परिजन घायल को सीएचसी ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बाबरपुर कस्बे के नवीन नगर निवासी रामदास (65) रविवार की सुबह किसी काम से छत पर गए थे। तभी बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बचने के लिए वह छत से सीढि़यों की तरफ भागे, पर अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह लड़खड़ा कर नीचे गिर गए।
हादसा देख परिजन उन्हें फौरन अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान रामदास ने दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर घर पहुंचे तो घर में चीख-पुकार मच गई। मृतक के बेटे जितेंद्र कुमार व त्रिलोक कुमार ने बताया कि बंदरों के हमले से पिता सीढि़यों से नीचे गिर गए थे।
कस्बे में दहशत फैला रहे हैं बंदर
अजीतमल। बंदरों के लगातार बढ़ते उत्पात से लोग बुरी तरह परेशान हैं। नगर पंचायत प्रशासन द्वारा बंदरों को पकड़ने का अभियान भी चलाया मगर नतीजा सिफर ही है। इससे में बंदरों के उत्पात और हमलों से हादसे हो रहे हैं। लोग बुरी तरह दहशत में है।
कस्बावासियों ने बताया कि बंदरों से बचने के लिए लोग हजारों रुपये खर्च कर लोहे के जाल लगवा रहे हैं, फिर भी बंदर किसी न किसी मोहल्ले में बच्चों, बुजुर्गों, राहगीरों व महिलाओं पर हमला कर रहे हैं। इससे लोग घरों से नही निकल पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि गलियों में सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में बंदरों के झुंड दिखाई देते हैं। बंदरों की टोलियां घरों में घुसकर घर में रखा सामान उठा कर ले जाती हैं। डर से गलियों व छतों पर बच्चे खेलने से डरते हैं तो महिलाएं भी छतों पर कपड़े सुखाने के बाद उनकी रखवाली करती हैं।
रोजाना आते हैं तीन से चार केस
सीएचसी अधीक्षक डॉ.अवनीश कुमार ने बताया कि सीएचसी पर रोजाना बंदर के काटने के तीन से चार केस आते हैं। बंदर के काटने पर रेबीज का इंजेक्शन लगाया जाता है। मरीजों के लिए अस्पताल में रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध हैं।