वर-वधु की शादी के लिए धन नहीं गुण देखें। भौतिकवादी युग में लोग गुणों को पीछे कर रहे हैं। इसका परिणाम परिवार में क्लेश, मारपीट, झगड़ा के रूप में दिखाई दे रहा है।
रोशंगपुर में चल रही श्रीमद भागवतकथा में आचार्य राकेश शास्त्री ने कहा कि पूर्व में वर-वधु के गुण देखकर ही शादी-विवाह संपन्न होते थे। किंतु आज के भौतिकवादी युग में इस योग्यता को दरकिनार कर दिया गया है। ऐसे में शांति कैसे संभव है। कथा श्रवण के दौरान सैकड़ों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।