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बिना किताबों के लग रही मोहल्ला क्लासें

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औरैया। प्राइमरी स्कूलों में बच्चों को भले ही सरकार ऑनलाइन शिक्षा देकर बेहतर शिक्षा देने का दम भर रही हो। लेकिन यह सिर्फ खानापूरी बन कर रह गई है। शिक्षण सत्र के तीन माह गुजर जाने के बाद भी अभी तक जिले में पाठ्य पुस्तकें तक वितरित नहीं कराई जा सकीं। आधी अधूरी तैयारी के साथ मोहल्ला क्लास लगाई जा रही है। मोहल्ला क्लास और ऑनलाइन क्लास में बच्चे किताबों के बिना ही पढ़ाई कर रहे हैं।
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कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते स्कूलों में कक्षाओं का संचालन नहीं हो रहा है। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। हिंदी माध्यम के बच्चों को स्कूलों से निशुल्क किताबें मिलनी थी जो कि शिक्षण सत्र के तीन माह गुजर जाने के बाद भी आज तक मुहैया नहीं कराई जा सकी। बच्चों को बिना किताब के ही ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ रही है। ऐसे में बिना किताबों के ऑनलाइन पढ़ाई बच्चों के लिए औपचारिकता बनकर रह गई है। वहीं शिक्षक भी इसे मजबूरी बता रहे हैं।
अफसर और शिक्षक यह देते अभिभावकों को जवाब
स्कूलों से मिलने वाली पुस्तकों के बारे में जानकारी करने पर अभिभावकों से शिक्षक व अफसर कहते हैं कि मोहल्ला क्लास संचालित हो रही हैं। जिन बच्चों के पास मोबाइल और टीवी की सुविधा नहीं है, उनकी पढ़ाई के लिए मोहल्ला क्लास चलाई जा रही है। मोहल्ला क्लास में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक पहुंच रहे वहीं शिक्षण सामग्री मुहैया करा रहे हैं।
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ऐसे हो रही ऑनलाइन बच्चों की पढ़ाई
आज भी ग्रामीण क्षेत्र में 50 फीसदी बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर पा रहे हैं। शिक्षा विभाग से अलग-अलग विषयों की लिंक डाली जाती है। टीवी पर भी इसका प्रसारण होता है। जिन बच्चों के पास मोबाइल की सुविधा नहीं है वह टीवी के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा मोहल्ला क्लास के माध्यम से भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
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