जिला पंचायत के बैरियर को लेकर मंगलवार को जिला प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली सुर्खियों में रहीं। पुलिसिया कार्रवाई पर तो सवालिया निशान लग गया।
चर्चा यह है कि आखिर वह कौन था, जिसकी रिंग आते ही अफसरों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई और वे बैकफुट पर आ गए। इतना ही नहीं कार्रवाई रोकने के बाद जब अफसरों से इस बावत बात की गई तो डीएम से लेकर एसपी तक जांच की दुहाई देते नजर आए।
तहसील दिवस में सुनवाई के दौरान मिली शिकायत के आधार पर मौके पर पहुंचे सीओ सिटी ने बाकायदे जिला पंचायत के बैरियर का सामान ट्रैक्टर में लोड ही नहीं किया बल्कि चार लोगों को हिरासत में भी ले लिया। लेकिन अगले ही पल एसपी का फोन आते ही उनकी घिग्गी बंध गई।
आनन-फानन में ट्रैक्टर से सामान उतारा गया। नाटकीय अंदाज में हुई कार्रवाई शहर में चर्चा का विषय बनी रही।
जिला पंचायत के बैरियर पर अवैध वसूली की शिकायत मिली थी। एसपी मनोज तिवारी से मामला देखवाने को कहा तो उन्होंने जांच शुरू करवाई है। दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।- माला श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
शिकायत मिलने पर पुलिस ने छापामारी की थी। जांच चल रही है। अवैध वसूली एवं गलत तरीके से बैरियर चलाने की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई होगी।- मनोज तिवारी, एसपी
मेरे रिश्तेदार की तबियत खराब हैं। मैं उनसे मिलने के लिए कानपुर आया हूं। बैरियर पर छापेमारी एवं पुलिस की कार्रवाई की मुझे जानकारी नहीं है। कल लौटने पर पता करूंगा। - मो. इरशाद, अध्यक्ष जिला पंचायत
देवकली स्थित बैरियर जिला पंचायत का है। इस बैरियर पर मानकों के तहत शुल्क वसूला जाता है। छापेमारी की अभी मुझे जानकारी नहीं है। पता करवाता हूं कि मामला क्या है। - राणा प्रताप सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत