आशनाई के चक्कर में युवक की हत्या कर उसका शव झाड़ियों के बीच दफना दिया गया। पुलिस ने जांच पड़ताल के दौरान युवक के माता-पिता को ही जेल भेज दिया। जेल से छूटने के बाद युवक के माता-पिता ने दोबारा पड़ताल कराई तो पुलिस अपनी ही कार्रवाई में उलझ गई।
फिलहाल मंगलवार को पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, फावड़ा बरामद करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। परीक्षण के लिए खुदाई में मिले कंकाल को प्रयोगशाला भेजा है।
शहर के मोहल्ला बनारसीदास निवासी अमित कुमार पुत्र रामप्रकाश का मोहल्ले की एक लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अचानक एक जुलाई 2014 को अमित गायब हो गया। लड़की पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने अमित के पिता रामप्रसाद व माता के विरुद्ध लड़की को गायब करने का अभियोग पंजीकृत कर कोर्ट में पेश किया।
उन्हें तीन माह की जेल हुई। जेल से जमानत पर छूटने के बाद खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए युवक के पिता रामप्रसाद ने खोजबीन की तो लड़की के दिल्ली में होने की जानकारी मिली। बाद में पुलिस ने लड़की को दिल्ली से पकड़ कर घर ले आई।
लड़की से पूछताछ के बाद पुलिस ने तीन-चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद मामला फिर ठंडा पड़ गया। अमित के पिता ने एसपी से लेकर आईजी तक न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद हाईकोर्ट में रिट दायर की। न्यायालय के आदेश पर हरकत में आई पुलिस ने दोबारा जांच पड़ताल शुरू की।
चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामला चौकाने वाला निकला। मंगलवार को एसपी ने पकड़े गए लोगों की निशानदेही पर कोतवाली क्षेत्र के जरुहौलिया गांव के बीहड़ में खुदाई करवाई। जहां कंकाल मिला, जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
सिर फोड़ने के बाद गला दबाया - पुलिस का दावा है कि यह कंकाल अमित का है। देर शाम एसपी मनोज तिवारी ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आशनाई के चक्कर में अमित की हत्या की गई।
उन्होंने दावा किया कि पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि लड़की के भाई दीपू ने पूरी योजना तैयार की। इसके तहत एक जुलाई 2014 को मोहल्ले के सनी ने अमित को सब्जी लेने के बहाने बुलाया।
शनि ने अपने साथी धर्मेंद्र, प्रभात व हीरा के साथ मिलकर अमित को बाइक पर बैठा कर ग्राम जरुहौलिया में रूप सिंह के ट्यूबवेल पर ले गया। रात भर अमित को बंधक बनाए रखा।
दो जुलाई 2014 को अमित को लेकर वे खार की झाडिय़ों में पहुंचे। यहां हीरा ने कुल्हाड़ी से अमित के सिर पर प्रहार किया। दीपू, रामजी व हीरा ने गला दबाकर घायल अमित की हत्या कर दी।
एसपी के मुताबिक पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और शव को जमीन में दफनाने के लिए प्रयोग में लाए गए फावड़े को बरामद किया है। उन्होंने बताया कि अमित की हत्या में रूप सिंह भी पूरी तरह सहभागी रहा है। इस आधार पर पूरे मामले में पुलिस ने दीपू, हीरा, रामजी व रूप सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
युवक के माता-पिता को कैसे भेजा जेल- अपने बेटे की खोजबीन कर रहे रामप्रसाद व उनकी पत्नी को पुलिस ने जेल भेज दिया। अब अमित की हत्या की कहानी सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस की जरा सी चूक की वजह से अमित को गंवाने के बाद दुखी उसके माता-पिता को तीन माह की जेल काटनी पड़ी। जब रामप्रसाद वापस आया तो उसने न्याय के लिए दर-दर ठोकरें खाई। अदालत का दरवाजा खटखटाने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और दोबारा जांच शुरू हुई।
पहले चेत जाती तो बच जाती अमित- औरैया। लापता हुए अमित के पिता रामप्रसाद का कहना था कि अगर पुलिस पहले चेत जाती तो आज उसके बच्चे की जान न जाती। उन्होंने कहा कि उसने पहले ही पुलिस को पकड़े गए आरोपियों के बारे में बताया था, लेकिन पुलिस ने एक बात न मानी और उन्हें फर्जी केस में जेल भेज दिया।
क्या कहते हैं जिम्मेदार- इस संबंध में सीओ सिटी डीडी मिश्रा ने बताया कि कुछ व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, पूछताछ जारी है। पकड़े गए लोगों के निशानदेही पर एक कंकाल बरामद हुआ है। कंकाल को परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। मामला गंभीर है, इसलिए बरीकी से जांच की जा रही है।