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Auraiya News: लेखपालों के मोबाइल जमा, प्रमाणपत्र बनने का काम अटका

Tue, 29 Aug 2023 12:48 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। जनपद की तीनों तहसीलों में रोजाना पहुंचने वाले लोग खसरा, खतौनी, आय, जाति प्रमाण पत्र न बनने की समस्या बता रहे है। बच्चों के स्कॉलरशिप फार्म के लिए आय-जाति प्रमाण पत्र की जरूरत है। 15 हजार से ज्यादा लोगों की ओर से इन प्रमाण पत्रों को लेकर ऑनलाइन आवेदन किए गए हैं। जिनके समय से न बनने के चलते परेशानी हो रही है। इसके पीछे की वजह लेखपालों के द्वारा सरकारी मोबाइल फोन बंद कर तहसील में जमा किया जाना बताया जा रहा है। ऐसे में आवेदकों का लेखपालों से संपर्क टूटा है। इसके अलावा आवेदन को संस्तुति भी नहीं मिल पा रही है।
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जिले की तीनों तहसीलों में तैनात 150 लेखपालों ने तहसील में अपने मोबाइल जमा कर दिए हैं। इन्हें वर्ष 2018 में सरकार की तरफ से मोबाइल फोन दिए गए थे, ताकि आय-जाति, वरासत, खसरा-खतौनी लेखपाल ऑनलाइन निस्तारित कर सकें। पिछले दिनों लेखपाल संघ की ओर से तहसील के अधिकारियों को ज्ञापन देकर मोबाइल की अवधि पूरी होने व ठीक से काम न करने पर इन्हें जमा करने का ज्ञापन दिया। इसके बाद बिधूना तहसील से 80, सदर तहसील में 30 व अजीतमल में 40 लेखपालों ने मोबाइल फोन जमा भी कर दिए।
अजीतमल तहसील लेखपाल संघ के शशांक गुप्ता का कहना है कि ज्यादातर मोबाइल फोन छह महीने चलने के बाद ही बंद हो गए थे। हैंडसैट थ्रीजी होने के चलते नेट की समस्या रहती थी। ऐसे में ऑनलाइन आवेदनों को निस्तारित करने में कठिनाई होती थी। लेखपाल संघ के प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर मोबाइल जमा करा दिए गए। अब लेखपाल अपने निजी मोबाइल से काम चला रहे हैं। फिलहाल काम करने में परेशानी हो रही है।
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लेखपाल संघ सदर तहसील अध्यक्ष जयप्रताप ने बताया कि क्रॉप सर्वे को लेकर एग्रीस्टैक एप डाउनलोड करते हुए मोबाइल काम करना बंद कर गए। मोबाइल बंद हो जाने की स्थिति में इन्हें जमा करना ही ठीक लगा। क्रॉप सर्वे एप को लेकर ज्यादा क्षमता का मोबाइल होना जरूरी है। मिले मोबाइल में फोटो भी धुंधली आती थी।
लेखपालों ने बताया कि शासन की ओर से वर्ष 2018 में मोबाइल फोन मुहैया कराए गए। उस समय मोबाइल की वैधता तीन साल बताई गई थी। जबकि ज्यादातर मोबाइल सालभर में ही बंद होने लगे थे। फिर भी किसी तरह मोबाइलों को मरम्मत के सहारे पांच साल तक प्रयोग में लाते हुए किसी तरह काम चलाया गया।
इन दिनों स्कूलों में बच्चों के स्कॉलरशिप के फार्म भराए जा रहे हैं। इसमें आय-जाति का प्रमाण पत्र अनिवार्य होता है। ऐसे में प्रमाण पत्र देरी से मिलने पर बच्चे स्कॉलरशिप योजना से वंचित हो सकते हैं। अभिभावक इसे लेकर लगातार लेखपालों से लेकर तहसील के चक्कर काट रहे हैं।
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