फफूंद (औरैया)। क्षेत्र के फफूंद रजबहा से निकली माइनर का दबंगों ने गेट बंद कर दिया था। इससे किसानों के खेतों को पानी नहीं मिल पा रहा था। किसान धान की रोपाई भी नहीं कर पा रहे थे और नर्सरी भी सूखने की कगार पर थी। किसानों की शिकायत पर रजबहा सचिव ने मौके पर पहुंचकर बंद गेट खुलवाया। इसके बाद किसानों ने राहत की सांस ली।
फफूंद क्षेत्र के गांव सल्हूपुर, भूरेपुर, जयरामपुर, बिंदपुर, टीकमपुर, फतेहपुर बैनी, सहदुल्लापुर, भोला पुर्वा, कंचन पुर्वा, बुढ़ानपुर गांव की हजारों बीघा जमीन को सिंचाई के लिए फफूंद दायां माइनर से पानी मिलता है। किसान मथुरा प्रसाद, नेकराम, जगदीश, राम बिहारी, रामभान आदि ने बताया कि गांव डिलहा व सल्हूपुर के बीच फफूंद रजबहा से निकली फफूंद दायां माइनर का गेट चार दिन पहले दबंगों ने बंद कर दिया था।
पानी न मिलने से किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे थे। बहुत से किसानों की नर्सरी सूखने की कगार पर पहुंच गई थी। किसानों की शिकायत पर शनिवार को फफूंद रजबहा सचिव दिनेश दोहरे ने मौके पर पहुंच कर माइनर के गेट को खुलवाया। उन्होंनेे बताया कि छह माह पहले गेट का मरम्मतीकरण होने के बाद दबंगों ने गेट का लॉक तोड़ दिया था और अपने फायदे कि लिए अक्सर माइनर का गेट बंद कर देते हैं।
इससे माइनर का पानी आगे नहीं पहुंचता है। सिंचाई विभाग इसको सही नहीं करा रहा है। सिंचाई विभाग दिबियापुर के सहायक अभियंता दिनेश चंद्र का कहना है कि जब ऊपर से ही पानी कम आ रहा हो तो गेट डालने और न डालने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। एक-दो दिन में माइनर में पानी बढ़ जाएगा।
गेट बंद होने पर सूखी पड़ी माइनर। संवाद- फोटो : AURAIYA