औरैया। कुपोषण के खात्मे की जंग में लाभार्थियों को पौष्टिक आहार मिलेगा, तो यूपीसीडीएफ (उत्तर प्रदेश प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन) द्वारा संचालित पराग की आर्थिक तंगी भी दूर होगी। बाल विकास एवं पुष्टाहार विकास ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों के लिए दूध पाउडर और देशी घी की आपूर्ति की जिम्मेदारी यूपीसीडीएफ को सौंपी गई है।
जिले में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की देखरेख के लिए करीब 1789 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर लगभग 30330 गर्भवती, धात्री महिलाएं और एक 39 हजार 676 बच्चे पंजीकृत हैं। लाभार्थियों को अब स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा पोषण पोटली में खाद्यान्न देने की व्यवस्था शुरू कराई गई है। निदेशालय से खाद्यान्न के साथ दूध का पाउडर और देशी घी भी दिया जाएगा। दूध पाउडर और देशी घी की खरीदारी का यूपीसीडीएफ की पराग डेयरी से लेने का निर्णय लिया गया है। पोषण पोटली में चावल, गेहूं और दाल दी जा रही है। देशी घी और दूध पाउडर की आपूर्ति के लिए पराग से मांग की गई है।
सीडीपीओ शरद अवस्थी का कहना है कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में यह व्यवस्था शुरू की है, पराग डेयरी के अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता चल रही है। डिमांड पूरी न होने पाने की वजह से जिले में फिलहाल यह योजना शुरू नहीं हो पा रही है। आने वाले दिनों में यह व्यवस्था शुरू होने की संभावना है।
यह मिलेगी मात्रा
छह माह से तीन वर्ष के बच्चे को एक-एक किलो चावल, गेहूं, 750 ग्राम दाल, तीन से छह वर्ष के बच्चे को एक किलो चावल, डेढ़ किलो गेहूं, गर्भवती महिला को एक किलो चावल, दो किलो गेहूं एवं 750 ग्राम दाल, अति कुपोषित बच्चा को डेढ़ किलो चावल, ढाई किलो गेहूं व 500 ग्राम दाल दी जा रही है।