बिधूना। ब्लाॅक के ग्रामीणों को शिक्षा का महत्व समझाने के लिए एक अनूठी पहल की गई। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, लखनऊ से आए कलाकारों ने हरदू गांव में नुक्कड़ नाटक का मंचन किया।
यह कार्यक्रम रविवार शाम यूपीएस हरदू के शिक्षकों के सहयोग से आयोजित किया गया। नाटक में कलाकारों ने शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। उन्होंने दिखाया कि कैसे कुछ माता-पिता बच्चों की शिक्षा के लिए मिलने वाली 1200 रुपये की डीबीटी राशि को दूसरे कामों में खर्च कर देते हैं। यह राशि बच्चों की यूनिफॉर्म, जूते और कॉपी के लिए होती है।
कार्यक्रम में समर्थ एप से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, शारदा एप से घुमंतू बच्चों की शिक्षा और दीक्षा एप से पठन-पाठन की महत्ता को समझाया गया। कलाकारों ने अशिक्षा के दुष्प्रभावों को भी दिखाया।
कलाकारों ने ग्रामीणों को संदेश दिया कि वे आधी रोटी खाएं, लेकिन बच्चों को स्कूल जरूर भेजें। उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया और कहा कि पढ़ी-लिखी लड़की घर की रोशनी होती है।
कार्यक्रम में आशीष तिवारी, आंशी, रेहान, मनीष, विनोद और गुड्डू जैसे कलाकार शामिल थे। यूपीएस हरदू से प्रधानाध्यापक अरुण प्रताप सिंह, आशीष शुक्ला, अवनीश कुमार, अहले चमन, अनुज कुमार, बीना, संजीव कुमार, कविता सिंह और अर्चना सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।