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अब बेटियां, बेटों से कमजोर नहीं

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औरैया। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर शुक्रवार को स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं ने कार्यक्रमों का आयोजन किया। इसमें बालिकाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें बालकों से कमजोर न समझने की लोगों से अपील की गई। इस दौरान बालिकाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया।
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बरीपुर माफी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में स्कूल प्रधानाचार्य नवीन पोरवाल ने सभी बालिकाओं को उपहार देकर उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद प्रधानाचार्य ने कहा कि अब लोगों को बालिकाओं को कमजोर नहीं समझना चाहिए। कार्यक्रम के बाद छात्राएं खुशी से लबरेज दिखीं। इधर जेसीज चौराहे के पास सामाजिक संस्था शक्ति सेवा संस्थान (शक्ति ग्रुप) के बैनर तले गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इसमें संस्थान के अध्यक्ष बालकृष्ण वर्मा, सदस्य आदित्य सोनी ने बताया कि राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरूआत 2008 में महिला और बाल विकास मंत्रालय ने की थी। इस दिन को मनाने का उद्देश्य देश में बालिकाओं के साथ होने वाले भेदभाव के प्रति लोगों को जागरूक करना है। इस अवसर पर देश भर में बालिका बचाओ अभियान चलाए जाने लगे। महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 2015 में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की शुरूआत की गई थी। इस अभियान के जरिए लड़कियों और महिलाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया जाता है। भ्रूण हत्या जैसे मामले कम हुए हैं। अभियानों से लोगों की मानसिकता को बदलने में मदद मिली है।
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इस दौरान राजेश वर्मा, आशीष वर्मा, गोलू सोनी, राजीव कुमार, गनेश, विनोद कुमार, शंकर सिंह मौजूद रहे। वहीं, नेहरू युवा केंद्र के तत्वावधान में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सहार, एरवाकटरा और औरैया ब्लॉक में स्वयं सहायता समूहों की तरफ से खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें इन प्रतियोगिताओं को सफल बनाने के लिए आयुष सक्सेना, अंजना, राखी, राजकुमारी, शिवानी ने सहयोग दिया।
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