औरैया। जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण से बड़ी संख्या में लोगों को समय से इलाज नहीं मिल रहा है। इसके लिए अब आयुर्वेद चिकित्सकों ने सलाह देनी शुरू की है। आयुर्वेद में जो नुस्खे बताए जा रहे वह लोगों की रसोई में मौजूद है। जिसे लोग आसानी से इस्तेमाल कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही बीमारी से बच सकते हैं।
आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. कप्तान सिंह ने बताया कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होनी चाहिए। आयुर्वेद दवाइयों का प्रयोग करने से किसी भी तरह का शरीर पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता, लेकिन इनका प्रयोग सही मात्रा में करें और चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही करें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली औषधियां जैसे संशमन वटी, आयुष 64, अणु तैल, अगस्त्य हरीतकी, आयुष क्वाथ का वितरण किया जा रहा हैं।
इनका करें सेवन
हल्दी-हल्दी एक ऐसा मसाला है जिसे संजीवनी बूटी कहा जा सकता है क्योंकि इसमें एंटीसेप्टिक इन्फ्लेमेटरी गुण होने के कारण यह सूजन को कम करता है। इसके साथ ही एंटीवायरस होने के कारण फेफड़े को संक्रमण से बचाता है।
अजवाइन- अजवाइन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स सांस के मार्ग को आराम पहुंचाने के साथ फेफड़ों को साफ करते हैं। इसके सेवन से सूजन भी कम हो जाती है।
मुलेठी- श्वसन संबंधी समस्याओं और खांसी को दूर करने के लिए मुलेठी बहुत ही उपयोगी है। वह फेफड़ों में जमे बलगम को निकालने का कार्य करता है।
लहसुन- लहसुन का सेवन कफ को खत्म करने में सहायक होता है। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट भी होते हैं जो संक्रमण से लड़ते हैं और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
मुनक्का- रोजाना भीगे हुए मुनक्का का सेवन करने से फेफड़े मजबूत होते हैं और बीमारियों से लड़ने की उनकी क्षमता बढ़ती है।