औरैया। लखनऊ में हुए दर्दनाक हादसे के बाद भी स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से जागा नहीं है। हालांकि, खामियां मिलने पर शहर की चार कोचिंग सेंटरों को सील जरूर किया गया है।
उधर, कस्बों में कार्रवाई के डर से कई कोचिंग संचालक अपने सेंटरों पर लटके होर्डिंग, बैनर और पोस्टर उतारकर ताला लगाकर भाग गए। शहर में अधिकांश कोचिंग बुधवार को बंद मिलीं। नियमों की अनदेखी करने वाले कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन की टीम की छापा मार कार्रवाई चल रही है।
वहीं अजीतमल कस्बे में सीओ ऑफिस के पास स्थित मकान के बेसमेंट में नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से लाइब्रेरी संचालित की जा रही हैं। कोतवाली के बिल्कुल नजदीक बेसमेंट में कोचिंग सेंटर चल रहे हैं।
इसके अलावा बाबरपुर बाजार चौराहे के आसपास भी कई ऐसे संकरे स्थान हैं, जहां बेसमेंट में मौत को दावत देते हुए कोचिंग सेंटर खुले हुए हैं, इन पर प्रशासन की नजर अब तक नहीं पड़ी है। इसी प्रकार अछल्दा में भी नियमों को धता बताते हुए काेचिंगें चल रही हैं। उधर, अजीतमल, बिधूना, दिबियापुर, अछल्दा सहित अन्य जगह अब भी खतरों के बीच अभी भी मानकों की अनदेखी का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।
दिबियापुर में कस्बा के मोहल्ला रामकृष्ण नगर में एक संचालक ने छापे के डर से कोचिंग में लगे होर्डिंग, बैनर समेटकर ताला डाल दिया है। यहां से भाग निकले कुछ संचालकों ने कार्रवाई से बचने के लिए कोचिंग में कुछ दिनों की छुट्टी कर दी है। इससे छात्र परेशान हैं। वहीं कस्बे की एक कोचिंग जर्जर भवन में संचालित मिली। जो कभी भी हादसे का कारण बन सकती है।
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बेसमेंट में चल रही लाइब्रेरी बंद
बिधूना। बेला मार्ग पर कमलपुर नहर के पास एक बेसमेंट में विशाल लाइब्रेरी संचालित हो रही थी, जहां रोजाना बच्चों की भीड़ होती थी। वहां संचालक ने छापे की सूचना मिलने के बाद बैनर-पोस्टर हटा कर ताला लगा दिया। ऐसा ही हाल नदी पुल के पास कीरतपुर का रहा, यहां बेसमेंट में चल रही लाइब्रेरी को फिलहाल बंद कर दिया। यहां भी संचालक बैनर और पोस्टर भी उखाड़ ले गए हैं।
फोटो-31- दिबियापुर में जर्जर भवन में संचालित कोचिंग। संवाद
फोटो-31- दिबियापुर में जर्जर भवन में संचालित कोचिंग। संवाद
फोटो-31- दिबियापुर में जर्जर भवन में संचालित कोचिंग। संवाद