औरैया। संविधान खतरे में है। भाजपा संविधान को खत्म कर देगी। इसी तरह पेपर लीक व बेरोजगारी से लेकर किसानों की समस्याओं को सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश ने चुनाव प्रचार के दौरान खूब उछाला था। कहीं न कहीं मतगणना के बाद सामने आए परिणाम को लोग इन मुद्दों को सपा द्वारा भुना लेने से जोड़कर देख रहे हैं।
युवाओं को साधने के लिए सपा की ओर से पेपर लीक का मुद्दा बार-बार उठाया गया। बेरोजगारी पर भी कहा गया। यह केवल और केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष के संबोधनों में प्रमुखता से कहा गया। इसके साथ ही किसानों की समस्याएं उठाई गई। खाद की महंगाई से लेकर किसानों की आय दोगुनी न होने की बात कही गई। इसके साथ ही सपा की ओर से भाजपा पर आरक्षण खत्म करने के भी आरोप लगाए गए। मंशा खतरे को भुनाते हुए जनता में सपा का वोट बैंक बढ़ाने की थी। सेना में अग्निवीर व्यवस्था को खत्म करने व किसानों का ऋण माफ करने जैसे वादे किए। महिलाओं को आर्थिक मदद से लेकर खाद्यान्न वितरण बढ़ाने का भी वादा किया। राजनीति के जानकारों की माने तो भाजपा की ओर से इन मुद्दों को लेकर किनारा किया। राम मंदिर, हिंदुत्व, गो हत्या, अपराध पर अंकुश जैसे मुद्दे भाजपा ने चलाए। इन सब मुद्दों पर कहीं न कहीं सपा के मुद्दे भारी पड़े।