औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत ने छह साल पुराने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में फैसला सुनाया।
कोर्ट ने दोषी सुखवीर उर्फ सीटू को 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। थाना एरवाकटरा क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने 17 वर्षीय बेटी को बहलाकर ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप मैनपुरी के मोहल्ला आजाद नगर निवासी सुखवीर उर्फ सीटू पर लगाया था।
पिता ने बताया कि तब बेटी बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। 15 फरवरी 2020 को पुलिस ने पॉक्सो एक्ट, अपहरण और दुष्कर्म की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की।
विवेचना के बाद पुलिस ने पूरे मामले का आरोप पत्र बनाकर कोर्ट में दाखिल किया। बुधवार को इस मामले का फैसला सुनाया गया। इससे पहले अभियोजक पक्ष ने दोषी को कठोर सजा देने की बहस की। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि अभियुक्त 36 वर्ष का है और उसका कोई पिछला आपराधिक इतिहास नहीं है। उसके प्रति सजा में नरमी बरती जाए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने सुखवीर को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने जमा कराए गए अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए। बाद में दोषी को इटावा जेल भेज दिया गया।