भले ही स्वास्थ्य महकमा जिले वासियों को अच्छी सुविधाएं मुहैया कराने का दावा कर रहा हो, लेकिन शहरवासियों को अच्छी तरह से उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल नई बिल्डिंग में तो शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन यहां अभी पूरी सुविधाएं नहीं हो सकी हैं। नए अस्पताल में भेजी गई मशीने धूल फांक रही हैं।
नए जिला अस्पताल में इलाज के लिए मशीनें तो भेज दी गई हैं, लेकिन उनका रख-रखाव सही तरीके से न होने से वह शोपीस नजर आ रही हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल के लिए करोड़ों रुपये की मशीनरी खुले में पड़ी हैं। मशीनों के व्यवस्थित न होने से मरीजों को जांच के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
नए जिला अस्पताल में प्रतिदिन 200 से 300 तक मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन मशीनें व्यवस्थित रूप से न रखे होने के कारण इलाज नहीं हो पा रहा है। इधर पुराने अस्पताल से जांच का सामान तो समेट कर रख दिया गया है। यह सामान न जिला अस्पताल भेजा गया और नहीं यहां पर इसका प्रयोग हो रहा है। इस संबंध में सीएसएस डा. एनएस मिश्रा ने बताया कि नए बिल्डिंग में मशीन पहुंचने से अभी उन्हें पूरी तरह से व्यवस्थित नहीं किया जा सका है। जल्द ही मशीनों को व्यवस्थित ढंग से रख दिया जाएगा।