एरवाकटरा (औरैया)। विकासखंड में महिला स्वयं सहायता समूह में हुए घोटाले की मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम मंगलवार को जांच करने पहुंची।
टीम ने उमरैन क्लस्टर व एरवाकटरा क्लस्टर में समूह, सीएलएफ व ग्राम संगठन के पदाधिकारियों के साथ जांच की। इसकी रिपोर्ट शासन को दी जाएगी।
फरवरी माह में पखनगोई निवासी शानू चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी। आरोप है कि एनआरएलएम के उमरैन क्लस्टर व एरवाकटरा क्लस्टर के महिला स्वयं सहायता समूहों से पोरवाल ट्रेडर्स के खाते में लाखों रुपया बिना समूह के अध्यक्षों और पदाधिकारियों की जानकारी के ट्रांसफर कर फर्जीवाड़ा किया गया है।
बताया था कि मामले में जिले स्तर पर हुई जांच से संतुष्ट न होने पर 19 मई को महिला स्वयं सहायता समूह की पदाधिकारी राधा देवी, रजनी, सावित्री देवी व माया देवी ने लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री जनता दर्शन में भी शिकायत की थी।
उन्होंने बाहर की टीम से जांच कराए जाने की मांग की थी। मंगलवार शाम को एनआरएलएम की जूनियर मिशन निदेशक नीति श्रीवास्तव के नेतृत्व में निदेशालय द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम ने जांच की।
टीम ने उमरैन क्लस्टर के तुर्कपुर यासीन सीएलएफ व एरवाकटरा क्लस्टर के बीआरसी के पास स्थित सीएलएफ पर महिला स्वयं सहायता समूहों के पदाधिकारियों के साथ पैसों में फर्जीवाड़ा किए जाने के आरोपों की जांच की।
जांच के दौरान जिला मिशन प्रबंधक नंद किशोर शाह, नीलांबुज श्रीवास्तव, एडीओ आईएसबी डीडी पाण्डेय, ब्लॉक मिशन मैनेजर लतेश कुमार, ममता कुमारी, मुकेश कुमार,जिला मिशन प्रबंधक ज्योत्सना व सुरेंद्र कुमार मौजूद रहे।
राज्य बीसी सखी के परामर्शदाता नीलांबुज श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत पर महिला समूहों के सदस्यों के संग फर्जीवाड़ा की जांच की गई। जांच में घालमेल सामने आया है। जांच की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।