भीषण गर्मी ने लोगाें का जीना दूभर कर दिया है। बढ़े तापमान का ही कहर था कि बुधवार सुबह 10 बजते ही चिलचिलाती धूप लोगों को घराें में दुबकने को मजबूर कर देती है। वहीं स्कूली बच्चों को आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। भीषण गर्मी के चलते पारा 43.6 के पार पहुंच गया।
एक पखवारे से लगातार सूर्य देवता अपना विकराल रूप दिखा रहे हैं, लेकिन बुधवार को 43.6 डिग्री पर पहुंचे पारे ने सभी को बेचैन कर दिया। भीषण गर्मी में आग में घी का काम किया। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से लोग बेहाल होते हुए दिखाई दिए।
दोपहर डेढ़ बजे सड़कों पर इक्का-दुक्का लोग की आते-जाते नजर आए। सड़कों पर जो लोग अपने घराें से बाहर निकले भी तो वह छतरी का सहारा लेते हैं या फिर अंगौछे से अपने को बचाते हैं।
गर्मी से बचने को लोग पेड़ की छाया लेने के लिए इधर-उधर भटकते रहते है। जहां गर्मी से आमजन मानस त्रस्त होने लगा है। वहीं पशु-पक्षी भी बेहाल दिखाई दे रहे हैं। लोग गर्मी से बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं।
सुबह दस बजे के बाद से सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। मई के शुरुआती दौर में इस कदर पड़ रही गर्मी स्कूली बच्चों के लिए आफत साबित हो रही है। बुधवार का जिले का अधिकतम तापमान 43.6 तो न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री दर्ज किया गया।