थाना क्षेत्र के बिझलपुर गांव में सोमवार सुबह पेड़ से प्रेमी का शव लटका देख घर लौटी उसकी प्रेमिका ने भी फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। साक्ष्य जुटाने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बिझलपुर निवासी शिवभान उर्फ धर्मेंद्र निषाद (20) पुत्र शिवराज का प्रेम प्रसंग गांव निवासी आशमा (18) पुत्री शोबरन निषाद से चल रहा था। शोबरन ने बताया कि दो मई को बेटी आशमा की शादी पिलखुमा की मड़ैया निवासी युवक से होनी थी। वहीं शिवराज ने बताया कि बेटे धर्मेंद्र को भी सोमवार को इटावा के लखना से लड़की वाले देखने आने वाले थे। दोनों परिवारों के घर कुछ दूर हैं।
धर्मेंद्र सुबह साढ़े छह बजे शौच के लिए गया था। करीब आठ बजे ग्रामीणों ने सूचना दी कि देवस्थान मयकाशुर बाबा के पास नीम के पेड़ से तौलिया के सहारे धर्मेंद्र का का शव लटका है।
इस पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। प्रेमी के फांसी लगाने की सूचना पर आशमा घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद घर आकर उसने पिता की तौलिया से पंखे के कुंडे से लटककर जान दे दी।
सूचना पर सीओ अजीतमल कमलेश नारायण पांडेय और एसओ ललित कुमार मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य इकट्ठा किए। एएसपी शिष्य पाल का कहना है कि प्रेम प्रसंग का मामला लग रहा है। मौके से हत्या का कोई साक्ष्य नहीं मिला। पोस्टमार्टम पैनल में होगा। इसकी वीडियोग्राफी भी की जाएगी।
थाना क्षेत्र के बिझलपुर में प्रेमी-प्रेमिका के फांसी लगाने की सूचना मिलते ही कोहराम मच गया। युवती की शादी दो मई को होनी थी। जबकि युवक को सोमवार को लड़की वाले देखने वाले आने थे। उसके परिजन इसकी तैयारी में जुटे थे। अब घर वालों का कहना है कि प्रेम प्रसंग का पता होता तो दोनों की शादी करा देते।
आशमा सुबह घर में चूल्हे पर खाना पका रही थी। इसी दौरान उसे किसी ने धर्मेंद्र के खुदकुशी करने की सूचना दी। इस पर वह दौड़कर मौके पर पहुंची। धर्मेंद्र को फंदे पर लटका देख वह अवाक रह गई। घर लौटकर उसने कुंडे से लटककर जान दे दी। आशमा के दो भाई और एक बहन हैं। सबसे बड़ी आशमा थी।
वहीं धर्मेंद्र दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। वह घर में सबका दुलारा था। तीन साल पहले कक्षा नौ के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। पिता के साथ खेती किसानी करता था। धर्मेंद्र के पिता शिवराज और माता मिथलेश देवी लखना में लड़की देख आए थे।
सोमवार को लड़की वालों को आना था। इसकी तैयारी भी चल रही थी। इस बीच बेटे ने प्रेम प्रसंग में जान दे दी। शिवराज का कहना है कि प्रेम प्रसंग की जानकारी होती तो दोनों की शादी करा देते। जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया।