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Auraiya News: लुटेरी दुल्हन- फिरोजाबाद में रची गई थी हाइड्रा मालिक के हत्या की साजिश

Thu, 03 Jul 2025 11:35 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। हाइड्रा मालिक हत्याकांड में पुलिस ने चमरौआ प्रधान रामू यादव के बयान लिए तो पूरे हत्याकांड की साजिश सामने आ गई। उसी ने बताया कि पूरे हत्याकांड की साजिश फिरोजाबाद में रची गई थी। इसकी पूरी तैयारी हाइड्रा मालिक दिलीप की पत्नी प्रगति और उसके प्रेमी मनोज ने शादी पहले ही कर ली थी। रकम से लेकर असलहा भी तय कर लिए गए थे।
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पुलिस के मुताबिक मैनपुरी जिले के थाना भोगांव क्षेत्र के गांव नगला दीपा निवासी हाइड्रा चालक दिलीप को 19 मार्च को पीटकर मरणासन्न कर दिया था। इलाज दौरान 21 मार्च को उसकी मौत हो गई थी। वहीं, हत्याकांड के आरोपी चमरौआ के प्रधान रामू यादव ने आत्मसमर्पण के बाद पुलिस को दिए बयान में पूरा राज खोल दिया। उसने बताया कि उसके पिता खेती करते हैं। वह वर्ष 2021 में ग्राम प्रधान निर्वाचित हुआ था। दुर्लभ उर्फ श्यामू उर्फ पिन्टू उसका सगा भाई है। उसके मौसेरे भाई अनुराग उर्फ बबलू उर्फ मनोज का सियापुर की प्रगति से प्रेम संबंध थे।

चार्जशीट में दर्ज है कि शादी के तीन वर्ष पहले दोनों ने एक साथ जीने-मरने की कसम खाई थी। प्रगति की शादी उसकी बड़ी बहन के देवर हाइड्रा मालिक दिलीप के साथ पांच मार्च 2025 को हुई थी। इससे अनुराग उर्फ बबलू परेशान रहने लगा, हालांकि अनुराग ने प्रगति की रोकने का पूरा प्रयास किया था, मगर वो उसमें कामयाब नहीं हुआ।
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ऐसे में शादी से पहले ही अनुराग और प्रगति ने प्लान बना लिया था कि यदि उसकी शादी दिलीप से हो जाए तो दोनों दिलीप को मरवाकर फिंकवा देंगे। फिर विधवा से कोई शादी नहीं करेगा। दिलीप के हिस्से की संपत्ति बेचकर दोनों शादी कर लेंगे। प्लान तैयार करने के बाद अनुराग ने उसे शिवम व दुर्लभ के सामने पूरी बात बताई।

प्रधान के भाई दुर्लभ के जेल में रहने के दौरान रामजी नागर उर्फ चौधरी से दोस्ती हो गई थी। जेल से छूटने के बाद दुर्लभ, शिवम, रामजी, अनुराग की आपस में बातचीत हुई और दो लाख रुपये में हत्या का सौदा तय किया गया था। अनुराग ने जिम्मेदारी लेते हुए काम होने के बाद भुगतान करने का वादा किया और पूरी रकम उसे दे दी।

प्रधान ने पुलिस को यह भी बताया कि उसमें 10 हजार रुपये तमंचा खरीदने के लिए दुर्लभ को दे दिए थे और शेष एक लाख रुपये दुर्लभ व शिवम को सौंप दिए। घटना के बाद दुर्लभ, शिवम, रामजी उनके पास आए और पैसे मांगे। इस पर उन्होंने पेट्रोल के रुपये देकर शाम को मिलने की बात कही और भेज दिया। पैसा न मिलने से शूटर रामजी नाराज हो गया।

90 हजार रुपये घटना के बाद फरारी काटने के चक्कर में उनसे खर्च हो गए। प्रधान रामू के अनुसार दुर्लभ, शिवम, रामजी और अनुराग ने फिरोजाबाद में ही हत्या की साजिश रची थी। अनुराग ने बताया था कि प्रगति ही उसे यह बताएगी कि उसका पति दिलीप कहां काम कर रहा है। फिर सभी लोग मिलकर 19 मार्च को घटना को अंजाम देंगे। रुपये लेनदेन के लिए उसे मध्यस्थ बनाया गया था।



रामजी नागर को नहीं मिली रकम और फिर पहुंच गया जेल

दिलीप हत्याकांड में शूटर रामजी को दो लाख रुपये की सुपारी में से उसके हिस्से की रकम नहीं मिली थी। उसे महज 500 रुपये ही पेट्रोल के लिए दिए गए थे। घटना के बाद वह फिर जेल पहुंच गया।



शादी के 14 दिन बाद दिलीप को मारी गई थी गोली

मैनपुरी जनपद के निवासी दिलीप यादव दिबियापुर में हाइड्रा मशीन का कारोबारी था। उसकी पांच मार्च को सियापुर गांव निवासी प्रगति के संग शादी हुई थी। शादी के बाद 19 मार्च को सहार थाना क्षेत्र में पटना नहर पुल किनारे कुछ लोगों ने दिलीप पर हमला कर उसे मरणासन्न कर दिया था। कई दिनों तक इलाज के दौरान उसकी सांसें उखड़ गई थीं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिलीप को गोली मारे जाने की पुष्टि हुई थी। शरीर पर चोट के कई निशान भी मिले थे। साक्ष्य जुटाने में दिलीप की पत्नी प्रगति व उसके प्रेमी अनुराग ने शूटरों के जरिए दिलीप की हत्या किए जाने का खुलासा हुआ था। इस पर पुलिस ने दिलीप की पत्नी प्रगति व उसके प्रेमी अनुराग व हिस्ट्रीशीटर रामजी नागर को गिरफ्तार किया था।

पूछताछ में शूटर रामजी नागर ने चमरौआ प्रधान रामू यादव का नाम सुपारी की रकम पहुंचाने के संबंध में लिया था। इसके अलावा घटना में शामिल होने में चमरौआ निवासी राहुल का नाम भी सामने आया था, हालांकि पुलिस के हाथ साक्ष्य नहीं लगे। प्रगति के प्रेमी अनुराग यादव ने अपने मौसेरे भाई दुर्लभ यादव व शिवम यादव व रामजी नागर के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।

प्रगति, अनुराग व शूटर रामजी नागर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने घटना में शामिल आरोपी दुर्लभ व शिवम को मुठभेड़ में दबोचा था। इनके पास से तमंचे भी बरामद हुए थे। फरार रामू प्रधान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कुर्की की तैयारी में जुटी थी। इसी बीच मौका पाकर 29 मई को चमरौआ प्रधान ने कोर्ट में समर्पण कर दिया था।
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