औरैया। कोटा राजस्थान में लॉकडाउन के चलते फंसे छात्रों के आने का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। दोपहर तक दो बसों से पांच छात्र औरैया पहुंचे। उन्हें पहले शेल्टर होम में क्वारंटीन किया गया। शाम को रैपिड टेस्ट चेक करने के बाद उन्हें घर भेजा गया। उधर, छात्रों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान हॉस्टल में कैद होकर रह गए थे। खाना व नाश्ता भी समय से नहीं मिल रहा था।
इंजीनियरिंग और मेडिकल की कोचिंग करने के लिए जिले से कई छात्र-छात्राएं कोटा (राजस्थान) में गए थे। लॉकडाउन के चलते जिले के छात्र वहां फंस गए। शनिवार की देर रात से रविवार की दोपहर तक 59 छात्र-छात्राएं औरैया पहुंचे। इधर सोमवार को सुबह 10 बजे से दोपहर शाम चार बजे तक दो बसों से पांच छात्र-छात्राएं औरैया पहुंचे। जिन्हें जालौन चौराहा स्थित ईशा वाटिका गेस्ट हाउस में क्वारंटीन किया गया।
एसडीएम सदर विजेता ने बताया कि जिलाधिकारी से आदेश मिलने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम ने सभी पांचों छात्रों की रैपिड टेस्ट कराने के बाद शाम को उनके परिजनों के साथ घर भेजा गया। सभी छात्रों को 14 दिनों तक होम क्वारंटीन रहने के निर्देश दिए गए हैं।
शहर के मोहल्ला बनारसीदास निवासी आढ़ती जसोदा नंदन पोरवाल के पुत्र शिवम ने बताया कि लॉकडाउन के चलते छात्र हॉस्टल में कैद होकर रह गए थे। ऐसे में उन्हें वहां जेल जैसा महसूस होने लगा था। कोरोना के केस बढ़ने के चलते डर भी लग रहा था।
भर्थना रोड बिधूना निवासी डॉ. आरएस बाबू के पुत्र प्रद्धुम्न सिंह ने बताया कि हॉस्टल में रुके छात्रों के सामने खाने की समस्या आने लगी थी। नाश्ता और भोजन का समय निश्चित न होने से छात्र परेशान होने लगे थे। वहां का माहौल दिनों दिन तनावग्रस्त हो रहा था।