-ज्यादातर प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं, प्रशासन भी अब तक आंख बंद किए रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। शहर में बेसमेंट में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठान ग्राहकों के लिए जान जोखिम में डालने का सबब बन रहे हैं। इन प्रतिष्ठानों में न तो आग बुझाने के संयंत्र हैं और न ही बाहर निकलने के लिए सुरक्षित रास्ता। ऐसे में अगर कोई अनहोनी हो जाए तो तस्वीर भयावह होगी।
लखनऊ में हाल ही में कोचिंग सेंटर में लगी आग की घटना के बावजूद, चित्रकूट के शंकर बाजार और कर्वी पहाड़ी मार्ग पर कई बेसमेंट में दुकानें धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। इन दुकानों में रोज बहुतायत में बच्चों और महिलाओं के साथ ग्राहक भी जुटते हैं और वहां पर सामान की खरीदारी करते हैं लेकिन वो इस बात से अनभिज्ञ हैं कि वे किस कदर खतरे में हैं।
केस- 01
फोटो 26 सीकेटीपी 31 कर्वी-पहाड़ी मार्ग पर बेसमेंट में चलती डांस एकेडमी। संवाद
पोस्टर ही बता रहा अनहोनी की भयावहता
शंकर बाजार में कर्वी पहाड़ी मार्ग पर एक बेसमेंट में संचालित डांस एकेडमी में युवा-युवतियों के साथ-साथ बच्चे भी नृत्य सीखने आते हैं। यहां आग बुझाने के लिए कोई भी उपकरण उपलब्ध नहीं है और बाहर निकलने के लिए केवल एक ही दरवाजा है। ऐसी स्थिति में आग लगने पर बड़ी जनहानि की आशंका है।
केस- 02
फोटो 26 सीकेटीपी 32 बेसमेंट में चलता ब्यूटी पार्लर। संवाद
एक ही दरवाजा, खतरा मोल ले रहीं महिलाएं
शहर में श्रीगंगा जी जनसेवा इंटर कॉलेज के पास बेसमेंट में संचालित ब्यूटी पार्लर चल रहा है। यहां पर भी सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। यहां भी आग बुझाने के यंत्र नहीं हैं और एक ही निकास द्वार है जिससे महिलाओं और युवतियों के लिए खतरा बना हुआ है।
वर्जन
नियमों के अनुसार बेसमेंट में किसी भी प्रकार का व्यावसायिक संचालन की अनुमति नहीं है। सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्रों और फायर सेफ्टी सिस्टम का होना अनिवार्य है। साथ ही आपातकालीन निकास द्वार संचालित होने चाहिए। जिन प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है यदि वे तय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-वन त्यागी, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, चित्रकूट