औरैया। जीवन भर आंधी, तूफान, धूप और बारिश की परवाह किए बिना सीमा पर डटे रहकर देश की रक्षा करने वाले एक वीर सैनिक ने मृत्यु के बाद भी समाज सेवा की मिसाल पेश की है।
कानपुर के गीता विहार यशोदा नगर निवासी सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मेजर दिनेश चंद्र गुप्ता (80) के निधन के बाद उनका शरीर औरैया मेडिकल कॉलेज को अध्ययन के लिए सौंपा गया है। परिवार ने कहा कि जिंदा रहते वह देश के काम आए, मौत के बाद उनकी देह मेडिकल छात्रों को पढ़ाई में मदद करेगी।
युग दधीचि देहदान अभियान के प्रमुख मनोज सेंगर और उनकी पत्नी माधवी सेंगर ने परिजन की सहमति से बुधवार को इस प्रक्रिया को पूरा कराया। मेजर दिनेश चंद्र गुप्ता ने 18 वर्ष पहले फरवरी 2008 को देहदान का संकल्प लिया था। 19 मई की शाम एक निजी अस्पताल में उनके निधन के बाद उनके पुत्र प्रवीन गुप्ता ने पिता के इस अंतिम संकल्प को पूरा करने के लिए अभियान समिति से संपर्क किया।
बुधवार सुबह कानपुर में स्थानीय सैन्य अधिकारियों ने अपने पूर्व वरिष्ठ साथी को पुष्प चक्र अर्पित कर पूरे सैन्य सम्मान के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पुत्र प्रवीन, पौत्र सोमार्थ प्रताप, पत्नी गीता गुप्ता और मित्र विनोद गुप्ता सहित परिजन पार्थिव देह लेकर औरैया पहुंचे।
उन्होंने औरैया मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर एनाटॉमी विभाग की अध्यक्ष डॉ. मेधा दास, डॉ. राकेश तिवारी से संपर्क कर मेजर की देहदान की। इस दौरान प्रवीन ने कहा कि उनके पिता हमेशा राष्ट्रहित के कार्यों में आगे रहते थे, आज उनका संकल्प पूरा होने पर परिवार को गर्व की अनुभूति हो रही है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एमवी सिंह ने मेजर के परिवार और सेंगर दंपती का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि अब तक मेडिकल कॉलेज में अध्ययन के लिए केवल एक ही मृत शरीर उपलब्ध था।
उधर, देहदान अभियान महासचिव माधवी सेंगर ने बताया कि यह 322वीं देहदान कराई गई है। अबतक पूरे प्रदेश में चार हजार से अधिक लोगों ने देहदान संकल्प लिया।
फोटो-43-मेजर दिनेश चंद्र गुप्ता। फाइल फोटो- फोटो : सांकेतिक