औरैया। अपहरण के बाद दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय पॉक्सो अधिनियम ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना थाना फफूंद के एक गांव में पांच साल पहले हुई थी। कोर्ट ने दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
फफूंद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी मां ने थाना पुलिस को बताया कि 20 जुलाई 2020 को तीन बेटियों व छोटे बेटे के साथ घर पर थीं। रात 11 बजे उसका बेटा कुछ आहट मिलने पर जाग गया। बाहर जाकर देखा तो पड़ोसी मुसाहिद अली और उसका दोस्त पाता सरैया निवासी राजा तिवारी उसकी नाबालिग बेटी को वैन में बैठाकर ले जा रहे थे। मामले में थाना पुलिस ने अपहरण व पॉक्सो की धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। किशोरी के मेडिकल के बाद पुलिस ने दुष्कर्म की धारा बढ़ाई। विवेचना के बाद पुलिस ने राजा तिवारी का नाम मुकदमे से हटा दिया था। अभियुक्त कानपुर देहात की कोतवाली रसूलाबाद के गांव असालतगंज धीरी निवासी हाल पता फफूंद के पाता सरैया निवासी मुसाहिद अली के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। विशेष न्यायालय पॉक्सो अधिनियम में मंगलवार को इसका फैसला सुनाया गया। दोनों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का आदेश दिया। दोषी को इटावा जेल भेज दिया गया।