बेलूपुर गांव में लेमनघास की खेती दिखाते किसान पंकज शुक्ला। संवाद
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औरैया। धान बेल्ट कहे जाने वाले सहार ब्लाक के छोटे से गांव बेलूपुर में किसान पंकज शुक्ला घास की खेती कर बदलाव की बयार के वाहक बने हैं। उन्होंने अलग-अलग किस्मों की घास उगाकर उनसे निकलने वाले तेल को बेहतर आमदनी का जरिया बनाया है। दर्द निवारक औषधीय उत्पादों के साथ ही सौंदर्य प्रसाधन में इन तेलों की मांग है। इसके लिए पंकज ने पूरा शोधन संयंत्र विकसित किया है।
बेलूपुर निवासी पंकज शुक्ला किसान परिवार में पले-बढ़े हैं। उन्होंने आधुनिक खेती को कमाई का बेहतर विकल्प बनाया। पैतृक कृषि भूमि पर वह लेमन, सिट्रोनेला समेत घास की कई अन्य किस्मों का उत्पादन कर रहे हैं। इनकी पत्तियों से निकलने वाले तेल के दम पर वह बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं। लीक से हटकर आगे बढ़ने के जुनून ने उन्हें अन्य किसानों के लिए नजीर बनाया है।
बंजर जमीन पर भी उगा सकते
पंकज ने बताया कि पिछले साल ही इस खेती को करने की ठानी थी। आज उनके दो एकड़ खेत में यह फसल लहलहा रही है। लेमन ग्रास को देखने के लिए कृषि विभाग परवाह की तरफ से कई अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि इसे बंजर जमीन पर भी उगाया जा सकता है। इस फसल के लिए वह खुद बनाई गई जैविक खाद का प्रयोग करते हैं।
ये है लागत और मुनाफा
पंकज शुक्ला ने बताया कि प्रति एकड़ लेमन ग्रास की खेती में करीब 50 से 60 हजार रुपये की लागत आती है। एक बार पौधा लगाने के बाद लगभग तीन माह में फसल तैयार हो जाती है। साल में चार बार फसल काटते हैं। जिससे एक साल में करीब छह से आठ लाख रुपये मुनाफा कमा रहे हैं। फसल को कन्नौज स्थित एफएसडीसी प्लांट भेजा जा रहा है। जहां पर उसका तेल निकाला जाता है, इस तेल को विभिन्न कार्य में प्रयोग में लाया जाता है,। लेमन ग्रास से निकलने वाले तेल की कीमत स्थानीय बाजारों में प्रति लीटर 1500 से 1800 के बीच है।