तहसील में नारेबाजी करते लेखपाल।
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औरैया। फतेहपुर में लेखपाल सुधीर कुमार की आत्महत्या के बाद प्रदेश के राजस्व विभाग कर्मचारियों में आक्रोश है। शुक्रवार को जिले के लेखपालों ने भी तहसील परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। लेखपालों ने सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार कर सरकार व विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। हड़ताल से एसआईआर कार्य पर कोई फर्क नहीं पड़ा लेकिन तहसीलों में कामकाज प्रभावित रहा।
उप्र तहसील संघ के आह्वान पर तहसील अध्यक्ष दिनेश सिंह सेंगर व मंत्री ललित प्रताप सिंह के नेतृत्व में लेखपाल तहसील परिसर में एकत्र हुए और धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि फतेहपुर में जो हुआ, वह आत्महत्या नहीं, हत्या है। एसआईआर कार्य के नाम पर अधिकारी कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। लेखपालों को सार्वजनिक रूप से डांट फटकार लगाई जा रही है। प्रतिकूल प्रविष्टि दी जा रही है तो कहीं निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में कई लेखपालों के विरुद्ध एफआईआर तक दर्ज करा दी गई है।
मंत्री ललित प्रताप सिंह ने कहा कि फतेहपुर की घटना में अधिकारी पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। कहा कि मृतक के परिजन को सरकारी सहायता मिले। इसके साथ ही एसआईआर की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि कम समय में काम पूरा करने का दबाव न रहे। प्रदर्शन करने वालों में सौरभ कुमार, गोपाल, आलोक पाल, राजीव सिंह, अगम तिवारी आदि शामिल रहे।
लेखपालों की हड़ताल का असर कामकाज पर पड़ा। दिन भर नामांतरण, सत्यापन कार्य और राजस्व वसूली जैसी सेवाएं बाधित रहीं। कई लोग अपने काम करवाने पहुंचे, लेकिन लेखपाल न होने से उन्हें लौटना पड़ा।
हड़ताल के कारण गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन पर असर न पड़े, इसके लिए प्रशासन ने बीएलओ के साथ आंगनबाड़ी, आशा वर्कर आदि की टीम लगा दी। 10 बीएलओ को सात वॉलंटियर दिए गए इस कारण डिजिटाइजेशन कार्य चलता रहा।