औरैया। जिले की तीनों तहसीलों में शनिवार को लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया। उन्होंने लंबित मांगों को लेकर धरना दिया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। सभागारों में जहां एक ओर अधिकारियों की जनसुनवाई चली तो दूसरी ओर परिसर में ही लेखपाल धरने पर बैठे रहे।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लेखपाल तहसील परिसर में एकजुट हुए। उन्होंने वेतन विसंगतियों, भत्तों और अन्य लंबित मांगों पर नाराजगी जताई। लेखपालों ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय न होने पर 17 अक्तूबर से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार होगा। उनका कहना है कि राजस्व और ऑनलाइन कार्यों का अतिरिक्त भार बढ़ा है। इसमें वरासत, नामांतरण, पैमाइश, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्रों की जांच जैसे कार्य शामिल हैं। आईजीआरएस और आपदा संबंधी कार्य भी उनके जिम्मे हैं। इसके बावजूद वर्षों पुरानी मांगों पर शासन स्तर से कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
बिधूना तहसील में धरना के दौरान लेखपाल संघ के अध्यक्ष पतंजलि दुबे, नागेश चतुर्वेदी, रोहित यादव, रोहित पाठक, शैलेंद्र वर्मा, शिवम बाबू, विमलेन्द्र कुमार मौजूद रहे। सदर तहसील में जयप्रताप सिंह गौर, रौकी समेत कई लेखपाल मौजूद रहे। वहीं, अजीतमल में अमित तिवारी, बिमलेश मोहन, विनय कुमार, अखिल कुमार, आशीष कुमार, राम कुमार, शोभित यादव आदि मौजूद रहे।