अजीतमल (औरैया)। तहसील अजीतमल के नए भवन में बुधवार को तहसीलदार के बस्ता लगाने से रोकने पर हंगामा शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ा कि तहसीलदार को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस की मौजूदगी में तहसीलदार ने वकीलों को समझाकर शांत कराया। वकीलों ने जगह न मिलने पर कोर्ट से विरत रहने का अल्टमेटम दिया। नए तहसील भवन में अभी तक वकीलों के बैठने की जगह को लेकर विवाद बना हुआ है।
बुधवार को नए तहसील परिसर में वकीलों ने अपने बस्ते लगाने के लिए जगह चिन्हित करना शुरू कर दिया। कुछ वकीलों ने बिल्डिंग के ठीक सामने परिसर में जलभराव के चलते सड़क के किनारे रस्सी बांधकर अपनी-अपनी जगह चिन्हित कर ली। तहसील प्रशासन ने इसका विरोध किया तो वकील हंगामा करने लगे। इस पर तहसीलदार संध्या शर्मा ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही फोर्स के साथ कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार बिंद मौके पर पहुंच गए। तहसीलदार और कोतवाली प्रभारी ने वकीलों को समझाकर बिल्डिंग के सामने बस्ते लगाने से रोका। उन्होंने वकीलो को उनकी निश्चित की गई जगह पर बस्ते लगाने को कहा। वकीलों ने जगह सही न होने की बात कही। तहसीलदार ने दो दिन में मिट्टी भराकर जगह देने की बात कही। लेकिन वकील बिल्डिंग के सामने जगह पर बस्ता रखने की बात पर अड़े रहे। राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन अजीतमल के अध्यक्ष रमेश दुबे एवं मंत्री अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि तहसीलदार ने पुलिस बुलाकर अधिवक्ताओं द्वारा रखे गए बस्ते हटवाने का आदेश दिया है। अगर अधिवक्ताओं के बस्ते जबरदस्ती हटवाए गए तो अधिवक्ता आंदोलन करने को बाध्य होंगे। नवनिर्मित तहसील में संतोष जनक जगह बैठने को नहीं दी गई तो समस्त अधिवक्ता न्यायालय का बहिष्कार करेंगे। तहसीलदार संध्या शर्मा ने बताया कि अधिवक्ताओं के बैठने की जगह को लेकर विवाद था।