फोटो-04एयूआरपी 10- प्लाटों को ध्वस्त करती जेसीबी। स्रोत:कर्मी
औरैया। देर से ही सही राजस्व विभाग दुरुस्त आया। छह साल पहले सेहुद में जिस बेशकीमती जमीन को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आदेश पर ग्राम सभा में दर्ज किया गया था। उसे प्लाॅटिंग कारोबारियों ने कमिश्नरी में छह साल तक उलझाए रखा। पैरोकारी न करने पर कमिश्नरी ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आदेश को सही ठहराया। यह जमीन फर्जी प्रविष्टि के सहारे हथियाई थी। बाद में उस पर प्लाॅटिंग कर दी थी। गुरुवार को जिले में चलाए गए मिशन समाधान के तहत राजस्व परिषद की टीम ने इस पांच करोड़ की जमीन पर बुलडोजर चलाकर अवैध प्लाॅटिंग ध्वस्त कर दी। साथ ही जमीन को ग्रामसभा के सुपुर्द कर दिया गया।
सेहुद में सालों पहले फर्जी प्रविष्टि के सहारे औरैया रोड किनारे की तकरीबन दो एकड़ जमीन हथिया ली गई थी। साल 2019 के शुरुआती दौर में जब इस जमीन की खतौनी में कब्जेदारों के नाम चढ़े तो इस मामले में दशरथ सिंह नाम के युवक ने राजस्व अधिकारियों से शिकायत की थी। इस पर जांच बैठाई गई। जांच में शिकायत सही मिली तो कब्जेदारों के खिलाफ राजस्व कोर्ट में वाद दर्ज किया गया था। इस पूरे मामले में राजू खान व प्रशांत पांडेय नाम के दो प्रोपर्टी डीलरों के नाम सामने आए थे। हालांकि खतौनी में कई नाम और भी रहे।
सुनवाई पूरी होने के बाद तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुपम शुक्ला ने साल 2019 में इस दो एकड़ जमीन को ग्रामसभा में दर्ज करने के आदेश दिए थे। इस आदेश में जमीन हथियाने के लिए सरकारी अभिलेखों में फर्जी प्रविष्टि दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आदेश के विरोध में जमीन हथियाने वाले लोगों ने यह मामला कमिश्नरी में पहुंचा दिया था। जहां पिछले छह साल से यह उलझा हुआ था। हाल ही में इस मामले में कमिश्नरी से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आदेश को सही ठहराया गया।
कमिश्नरी से हरी झंडी मिलने के बाद गुरुवार को तहसील का अमला बुलडोजर के साथ सेहुद पहुंचा। यहां पर अभियान चलाते हुए जमीन पर हुई अवैध प्लाॅटिंग को तहस-नहस कर दिया। हालांकि इस प्लाटिंग में उरई, बिधूना, दिबियापुर, औरैया समेत कई जगह के लोगों ने प्लाॅट खरीदे थे लेकिन अब उस पर बुलडोजर चलने से प्लाॅट स्वामियों समेत प्लाॅटिंग कारोबारी तक सकते में आ गए है। एसडीएम अजय आनंद वर्मा का कहना है कि आदेश पर सेहुद में जिस दो एकड़ जमीन पर प्लाॅटिंग की गई है। वहां, बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की गई है। अवैध प्लाॅटिंग को ध्वस्त कर जमीन ग्राम सभा के सुपुर्द कर दी गई है।
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प्रशासन का रुख सख्त, फिर भी कुछ जमीनों से हटी है नजर
सरकारी जमीनों को फर्जी प्रविष्टि के सहारे हथियाने के मामलों में जिला प्रशासन का रुख सख्त है। पिछले दिनों जहां नियामतपुर बिहारी में बेशकीमती सरकारी जमीन को कोर्ट के आदेश पर ग्राम सभा के सुपुर्द किया गया था। वहीं, गुरुवार को सेहुद में भी इसी तरह की कवायद अमल में लाई गई। हालांकि ककरारी व वैसुंधरा में राजस्व कोर्ट के हुए आदेशों के तहत सरकारी जमीनों को खाली कराने का काम शेष है।