औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव अस्ता निवासी मजदूर त्रिभुवन सिंह का शव सोमवार की सुबह गांव के पास से गुजरे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे मिला था।
पुलिस ने जांच की तो पता चला कि उसकी हत्या कर शव को फेंका गया था। मजदूर के साथ के ही दो आरोपियों ने गुस्से में वारदात को अंजाम दिया। इनमें एक बाल अपचारी है। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है।
गांव अस्ता के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे सुबह शव मिलने की सूचना पर पुलिस और ग्रामीण जमा हो गए। शव की पहचान गांव अस्ता निवासी त्रिभुवन सिंह (45) के रूप में हुई है। वह सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव जमालीपुर निवासी सुखदेव के यहां मजदूरी करता था।
शव मिलने के बाद से पुलिस ने जांच तेज कर दी थी। फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाकर बारीकी से जांच करवाई गई। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस जांच में मृतक के जेब में एक पुड़िया गांजा की मिली थी।
ऐसे में पुलिस ने गहराई से मामले की जांच शुरू की तो सीसीटीवी फुटेज हाथ लगा। इसमें दो मई को मजदूर एक बाइक पर दो अन्य लोगों के साथ जाता नजर आया। पुलिस ने दोनों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया तो पता चला कि दोनों गांव के ही निवासी हैं। इसमें एक का नाम मुकेश और दूसरा बाल अपचारी हैं।
सूत्रों के अनुसार, सख्ती से पूछताछ करने पर बाल अपचारी ने बताया कि जाते समय बाइक फिसल गई थी। इस पर त्रिभुवन ने बाइक चला रहे मुकेश को पीट दिया था। इससे नाराज होकर उसने वजनदार चीज से वापस त्रिभुवन पर प्रहार किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में वे उसे एक्सप्रेसवे किनारे फेंक कर चले गए।
पुलिस ने सुखदेव की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी गहनता से पूछताछ कर रही है। सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
-
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आई हेड इंजरी, शरीर पर भी चोटों के निशान
पुलिस ने त्रिभुवन की मौत का कारण जानने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया था। सोमवार शाम को आई रिपोर्ट के अनुसार उसकी मौत सिर में चोट लगने यानी हेड इंजरी के कारण हुई थी। वहीं शरीर में भी अन्य कई जगह चोटों के निशान मिले हैं। पुलिस के अनुसार वह परिवार में अकेला था, उसका कोई भी परिवारीजन या संबंधी नहीं है।