बदलते मौसम में हैजा, डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। दिबियापुर क्षेत्र के गांव नौगवां में हैजा की बीमारी से एक बच्ची की जान जा चुकी है। नौगवां के बाद अब ककोर और नौली गांव में डायरिया और संक्रमण की चपेट में आने से दो दर्जन से अधिक ग्रामीण बीमार है। जिसमें 18 मरीजों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मौसम के बदलने से जिले में संक्रामक बीमारियों ने तेजी से पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। दिबियापुर क्षेत्र नौगवां गांव में करीब दो दर्जन लोग बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। डायरिया व संक्रमण की चपेट में आकर एक बच्ची की मौत भी हो चुकी है। इधर क्षेत्र के ककोर व नौली गांव में भी संक्रमण ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदूषित पानी की चपेट में आने से गांव में दो दर्जन से अधिक लोग बीमार है। जिसमें कई बीमारों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
जिला अस्पताल में भर्ती मरीज
क्षेत्र के ककोर और नौली गांव के बीमार लोगों को उपचार लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिसमें मीना देवी (10) पुत्री कप्तान सिंह, प्रांशी (5) पुत्री मुन्नालाल, निशा (15) पुत्री भारत सिंह, कामिनी देवी (15), राजा बेटी (60), काजल (15), आकाश (9), रोहित कुमार (10), मोहित (8), विमला देवी (40), पूनम (7), बिट्टी देवी (65), अंजलि (6), सोहन (8) संगीता (16), मोहन (12) निवासी नौली थाना फफूंद, अंकित बाबू (16) निवासी ककोर, आकांक्षा देवी (17) पुत्री प्रेम कुमार निवासी ककोर जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
संक्रामक बीमारी फैलने की सूचना मिलने पर टीम को गांव के लिए रवाना किया जा रहा है। कई मरीजों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
डा. एसबी मिश्रा, सीएमओ