औरैया में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लाभ उठाने वाले अपात्रों को सरकार ने मौका दिया है कि वे हासिल हुई रकम को सरेंडर कर दें, अन्यथा उनसे वसूली की जाएगी। जिले में ऐसे अपात्र लोगों के चिंह्ति करने काम शुरू हो गया है।
बीते साल फरवरी से किसान सम्मान निधि लागू हुई है। शुरूआत में दो हेक्टेयर भूमि वाले किसान इस योजना के पात्र माने गए थे। हालांकि बाद में सरकार ने इस नियम को वापस ले लिया था। लेकिन यह बाध्यता जारी रखी थी कि किसान परिवार के किसी एक सदस्य को ही योजना का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा जो सरकारी नौकरी कर रहे हैं, वकील इंजीनियर या चार्टट अकाउंटेंट हैं और टैक्स भी दे रहे हैं। किसी संवैधानिक पद पर काबिज हैं और जिन्हें दस हजार या उससे अधिक मासिक पेंशन मिल रही है। वे इस योजना के लिए अपात्र होंगे। फिर भी जिले में तमाम लोगों ने बाध्यता को दरकिनार कर योजना का लाभ ले लिया।