औरैया। नहर चौड़ीकरण के लिए तोड़े गए कब्जों के विरोध में अनशन कर रहे अनशनकारियों की हालत बिगड़ गई। सूचना पर अनशन स्थल पर पहुंचीं एसडीएम औरैया ने अनशनकारियों को अनशन समाप्त करने के लिए समझाया। हालत ज्यादा खराब होने पर एक अनशनकारी को एंबुलेंस की मदद से अनशन स्थल से ले जाने पर परिजनों ने एंबुलेंस के आगे बैठकर रास्ता रोक लिया। मांगे माने जाने के आश्वासन के बाद सभी एंबुलेंस के आगे से हटे।
गत 2 मार्च को निचली गंगा नहर चौड़ीकरण के लिए सिंचाईं विभाग ने 6 कब्जे ढहा दिए थे। कब्जा धारक हरिश्चंद्र एवं सत्यनारायण के पास रहने की कोई जगह न होने के कारण वह लोग परेशान हो उठे। हरिश्चंद्र अपनी पत्नी राजकुमारी के साथ 3 मार्च को आमरण अनशन पर बैठ गए थे। शुक्रवार को हरिश्चंद्र की हालत बिगड़ गई। वह कई बार बेहोश भी हुए।
शनिवार की सुबह नगर पंचायत दिबियापुर अध्यक्ष अरविंद पोरवाल ने अनशन स्थल पर पहुंचकर उन्हें मदद का भरोसा दिलाया। इसी दौरान अनशन स्थल पर सीएचसी अधीक्षक डा.जितेंद्र यादव एवं स्वास्थ्य टीम के साथ एसडीएम विजेता पहुंच गईं। हरिश्चंद्र की हालत देखकर स्वास्थ्य टीम ने हरिश्चंद्र को इलाज दिए जाने की सलाह दी।
हरिश्चंद्र ने अनशन स्थल से उठने से इंकार कर दिया। इस बीच अनशनकारियों के साथ बैठे समाजसेवी एन सिंह सेंगर को एसडीएम ने अनशन स्थल से हटा दिया। बाद में काफी समझाने पर हरिश्चंद्र को एंबुलेंस में लिटाकर इलाज दिया गया। इस बीच हरिश्चंद्र की बेटियां कई बार बेहोश हुईं। बेहतर इलाज के लिए सीएचसी दिबियापुर ले जाने की सलाह पर एंबुलेंस जैसे ही हरिश्चंद्र को लेकर आगे बढ़ी। परिजन एंबुलेंस के आगे आकर बैठ गए।
एसडीएम विजेता, चेयरमैन अरविंद पोरवाल, ईओ मोनिका उमराव, दिबियापुर थाने के इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला ने काफी देर तक समझाया। एसडीएम ने आश्वस्त किया कि दिबियापुर की कांशीराम कालोनी में बेघर हुए लोगों को आवास दिया जाएगा। पात्रता के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही अंत्योदय राशन कार्ड भी दिलाया जाएगा।
इस पर काफी मुश्किल से एंबुलेंस के आगे बैठे हरिश्चंद्र के परिजन हरिश्चंद्र को सीएचसी में भर्ती कराने को राजी हुए। इसके बाद एसडीएम विजेता ने कांशीराम कालोनी का निरीक्षण किया। साथ ही तीन आवासों को बेघर हुए लोगों के लिए खुलवा दिया। अधीनस्थों को निर्देश दिया कि बेघर हुए लोगों को आवास की चाबी दे दी जाए।
हालांकि अनशनकारियों का कहना है कि वह लोग कांशीराम कालोनी के आवास में नहीं जाएंगे। अनशनकारी हरिश्चंद्र एवं उनके सहयोग में अनशन पर बैठे एन सिंह सेंगर का इलाज दिबियापुर सीएचसी में चल रहा है।